प्रतीत्य सत्य!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतीत्य सत्य- pratitya satya Truth related to conviction अन्य की अपेक्षा से जो कहा जाय सो वह प्रतीत्य सत्य है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतीत्य सत्य- pratitya satya Truth related to conviction अन्य की अपेक्षा से जो कहा जाय सो वह प्रतीत्य सत्य है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावार्थ – Bhavartha. Meaning, explanation, purport. आगम का अर्थ निकालने की विधि; भावों का अर्थ करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिसेवना काल- pratisevana kala period or repentance of faults व्रतादिकों में अतिचार लगने पर प्रायषिचत से शुद्धि करने के लिये कुछ दिन अनषनादि तप करना।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यथाख्यात संयम–Yathakhyata Sanyam. Revelation of absolute conduct. वीतराग संयम जो मोहनी कर्म के उपशांत या क्षय हो जाने पर प्रगट होता है”
[[श्रेणी: शब्दकोष]] स्ववृत्ति – Svavrtti. Contemplatlion about self. आत्मा मे प्रवृत्ति रुप ध्यान अर्थात् बाह्म चिंताओ से निवृत्ति होना।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विषापहार स्तोत्र –VisapaharaStotra. A praising hymn written by Dhananjay (poet). धनज्ज्य कवि द्वारा रचित संस्क्रत भाषाबध्द एक स्तोत्र, रचना करते समय जिसके पाठ से उनके पुत्र का सर्प विष उतर गया था “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शैला – Shailaa. Name of the 16th earth of the Khar division of Ratanaprabha earth. पहली रत्नप्रभा पृथ्वी के खारभाग में 16वीं पृथ्वी जो 1000योजन मोटी है “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वर्ण – Svarna. Gold, name of a city in the south of Vijayardh mountain. सोना, एक धातु, विजयार्ध की दक्षिण श्रेणी का एक नगर।