तोयस्तम्भिनी!
तोयस्तम्भिनी A supernatural power of propping water. जल का स्तम्भन करने वाली एक विद्या, रावन ने यह सिद्ध की थी। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तोयस्तम्भिनी A supernatural power of propping water. जल का स्तम्भन करने वाली एक विद्या, रावन ने यह सिद्ध की थी। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैरत्याग –Vairatyaga. Renunciation of mutual hostility (absence of hostility among beings is an excellence of Lord Arihant) अरहंत भगवन का देवकृत एक अतिशय, जीव पूर्व वैर को छोड़कर आपस में मैत्री भाव से रहने लगते हैं “
दश द्वार Ten means of air–exit in the body. प्राणायाम करी वायु निकलने के सूक्ष्म छिद्र तालुन्ध्र।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वातवलय – Vaatavalaya.: Three types of air covers surrounding the universe. वृक्ष की त्वचा के समान लोक को घेरे हुए वायु के तीन वलय घनोदधि ,घनवान और तनुवात “
एकत्वस्थिति Position of absolute meditation. निज शुद्धात्मा की उपलब्धि या निर्विकल्प सुख की स्थिति।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संयम – Sanyama. Abstinence, Restraints, Mortification. व्रत समिति आदि रूप से प्रवर्तना अथवा विशुद्धात्मध्यान में प्रवर्तना संयम है ” 5 इन्द्रिय और मन का वशीकरण तथा षट्काय के जीवों की रक्षा करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचांक – Panchanka. A denotation of numberial increase. संख्यात भाग वृद्धि की संज्ञा “
तोलामुलितेवर Name of an Acharya (writer of ‘Chulamani’). ई.श.7 से पूर्व के एक आचार्य जिन्होंने चूलामणि नामक ग्रंथ की रचना की । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]