गृहपति!
गृहपति The chief person of the house, A Jewel of Chakravarti (emperor). घर का प्रबंधक , चक्रवर्ती का एक सजीव रत्न।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गृहपति The chief person of the house, A Jewel of Chakravarti (emperor). घर का प्रबंधक , चक्रवर्ती का एक सजीव रत्न।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दिगवलोकन An infraction of meditative relaxation (Kayotsarga) (to watch in all directions). कायोत्सर्ग का एक अचिार, आठों दिशाओं की तरफ देखना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बंध समुत्पत्तिक- जिन सत्कर्म स्थानों की उत्पत्ति बन्ध से होती है, उन्हें बन्ध समुत्पत्तिक कहते है। Bandha Samutpattika- meritorious places caused due to binding of karmas
गुणश्रेणी Multiple progression. गुणकार रूप जहाँ कर्म के निषेकों में श्रेणीरूप क्रम से कर्म द्रव्य दिया जाए।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षोडशकारण भावना – Sodashakaarana Bhaavanaa. Sixteen spiritual reflections (sentiments causing to be Tirthankar(Jaina-Lord)). तीर्थंकर प्रकृति की कारणभूत दर्शनविशुद्धि आदि 16 भावनाएं ” दर्शन विशुद्धि, विनय संपन्नता, शीलव्रतों में अनतिचार (शीलव्रतेष्वनतिचार), अभीक्ष्णज्ञानोपयोग, संवेग, शक्तिस्ततप, शक्तितस्त्याग, साधु समाधि, वैयावृत्यकरण, अर्हंत भक्ति, आचार्यभक्ति, बहुश्रुत भक्ति, प्रवचन भक्ति, आवश्यक अपरिहाणि, मार्ग प्रभावना एवं प्रवचन वत्सलत्व “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रियदर्शा- महोराग जाती के व्यन्तारो का 10 वा भेद A type of peripatetic deities
गतिलघुत्व Levitational motion. गति का एक भेद ;तुम्बडी रूई आदि की(ऊपर जाने वाली)गति ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षड्दर्शन – Saddarshana. Six particular kinds of philosophies (Bauddha, Naiyayik, Sankhya, Jaina, Vaisheshik & Jaminiy). 6 दर्शन – बौद्ध, नैययिक, सांख्य, जैन, वैशेषिक तथा जैमिनीय “
गणिका Serving female deity of Indras with enchanting gestures. महत्तरी (विशेष देवियाँ)-जो देवों में एक एक इन्द्र की दो-दो होती हैं अथवा Prostitute. वेश्या (वेश्या को नगरवधू , लज्जिका , रूपाजीवा, विलासिनी , गणिका आदि नामों से जाना जता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षट्खंड – Satkhanda. Six parts of Bharat Kshetra (region). जम्बूद्वीप के भरतक्षेत्र आदि के एक आर्य व 5 म्लेच्छ खंड ” इन्ही षट् खंडो को चक्रवर्ती जीतता है “