घनफल!
घनफल Volume. आयतन ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोजनदान:food donation. साधु आदि को भोजन का दान करना, निर्धन को अन्न आदि दान करना “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोगरति:Involvement in all sensual pleasures constantly. नित्य भोग विलास का सेवन करना “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == संसार : == धिक् संसारं यत्र, युवा परमरूपर्गिवतक:। मृत्वा जायते, कृमिस्तत्रैव कलेवरे निजके।। —समणसुत्त : ५११ इस संसार को धिक्कार है, जहाँ परम रूप-र्गिवत युवक मृत्यु के बाद अपने उसी त्यक्त मृत शरीर में कृमि के रूप में उत्पन्न हो जाता है। न नास्तीहावकाशो, लोके बालाग्रकोटिमात्रोऽपि। जन्ममरणबाधा, अनेकशो…
ग्रामदाह An obstacle in saint food on having burning incident in a village. जिस ग्राम में साधु आहार के लिए गए हैं यदि अग्नि आदि का प्रकोप हो जाए तो यह ग्रामदाह नाम का अन्तराय होता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योशिता – स्त्री, चक्रवर्ती के 14 रत्नो में एक रत्न। Yosita-A women one of the 14th Jewels of Chakravarti
गरूडेंद्र A celestial deity (Indra). एक इन्द्र; वंशधर पर्वत पर पूर्वभव के पुत्र देशभूषण व कुलभूषण मुनियों का राम लक्ष्मण द्वारा युप्सर्ग निवारण किए जाने पर गरूडेंद्र ने उनको संकट के समय रक्षा का वर दिया ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यावानुद्देष – औद्देषिक आहार के 4 भेदो में एक भेद। Yavanuddesa-Food prepared with the intention of distributing to everyone