बाणा!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बाणा- भारतक्षेत्र में स्थित आर्यखण्ड की एक नदी। Bana- A river of bharat khsetra Arya khand (region)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बाणा- भारतक्षेत्र में स्थित आर्यखण्ड की एक नदी। Bana- A river of bharat khsetra Arya khand (region)
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वृष्य –Vrsya. Intoxication food or passion stirring liquids. अभिषय या कामोद्दीपक रस “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहुशिलापटता- रत्नप्रभा पृथिवी के खरभाग का अंतिम पटल। Bahusilapatala- Name of a patal (layer) of Ratnaprabha earth
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मृदंगमध्य व्रत–Mradngmadhya Vrat. A particular type of fasting. एक व्रत जिसमे क्रमशः 2,3,4,5,4,3,2 उपवास एवं बीच के खली दिनों में पारणा कीजाती है” इसमें23 उपवास 7 पारणाएँ की जाती है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बगुला- एक पक्षी, श्रोता का एक भेद; बगुला के समान बाहर से भद्र एवं अंतरंग से दुष्ट होना। Bagula- A heron, A type of listener (reg. deceptive nature)
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पृथिवीपाल – Prthivipala. Name of the writer of ‘Shrut Panchami Rasa’, Name of a Pandit. पानीपत का निवासी था, वि. १६९२ में श्रुत पंचमी रास की रचना की, एक पंडित; व्रत कथाकोष छंद के कर्ता “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रोषधोपवास – पर्व (अश्टमी, चतुर्दषी आदि) के दिनों में चारों पगाकर के आहार का त्याग करके धर्म ध्यान में दिन व्यतीत करना। Prosadhopvasa- fasting (on 8th & 14th day etc of each fortnight
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भवाननुगामी – Bhavananugami. A type of clairvoyance (not remains with one in next birth). अननुगामी अवधिज्ञान का एक भेद; जो भवान्तर के साथ नहीं जाता , क्षेत्रान्तर में ही साथ जाता है “
गुणावां (तीर्थ) Name of a place in Navada district of Bihar which is the salvation land of the first chief disciple (Gandhar) of Lord Mahavira. भगवान महावीर के प्रथम गणधर श्री गौतम स्वामी की निर्वाणभूमि . बिहार प्रान्त के नवादा जिले में स्थित इस तीर्थ पर पूज्य गणिनी श्री ज्ञानमती माताजी की प्रेरणा से नवनिर्मित…