खंडनखंडखाद्य!
खंडनखंडखाद्य A book written by ‘Shri Harsh’. वेदान्त साहित्य प्रवर्तक ‘श्री हर्ष ‘द्वारा रचित एक ग्रन्थ ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
खंडनखंडखाद्य A book written by ‘Shri Harsh’. वेदान्त साहित्य प्रवर्तक ‘श्री हर्ष ‘द्वारा रचित एक ग्रन्थ ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बोधायन – Bodhayana. Name of a commentator of Vedant literature. बादरायण के ब्रम्हसूत्र पर टीका लिखने वाले एक वेदांत साहित्य प्ररर्तक “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव सामायिक – Bhava Samayika. Equanimity in pain & pleasure. सुख – दुःख में साम्यभाव धारण कर मैत्रीभाव के साथ सम्पूर्ण सावध से निर्वत्त ह्नुं, इन भावों के साथ सामायिक करना “
देवचतुष्क Quartet of particular Karmic nature (reg. celestial beings). देवगति, देवगत्यानुपूर्वी , वैक्रियिक शरीर व वैक्रियिक अंगोपांग इन 4 कर्मप्रकृतियों का समूह। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूमिशय्याव्रत – Bhumishayyavrata. A basic restraint of Jaina saints, to sleep on the earth. साधु के २८ मूलगुणों में एक मूलगुण; पृथिवी पर शयन करना “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोक्त्रत्व नय:A viewpoint believing that soul is the enjoyer of joy & sorrow. नय; जिसकी अपेक्षा से आत्मद्रव्य सुख-दुखादि का भोक्ताहै “
दिशा- विदिशा Directions & subdirections. पूर्व पश्चिम आदि 4 दिशा एंव ईशान आग्नेय आदि 4 विदिशा कहलाती हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दृश्यचित्र Landscape painting, picturesque.दिखलाई देने वाला चित्र।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिबिम्ब – Pratibimba. Image, Idol of Lord. परछाई, भगवान की प्रतिमा-मूर्ती “