परमात्मराजस्तोत्र!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमात्मराजस्तोत्र :A book written on devotional prayer.एक भक्ति विषयक रचना।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमात्मराजस्तोत्र :A book written on devotional prayer.एक भक्ति विषयक रचना।
चतुर्दश पूर्व Fourteen Purvas – early canons (texts). उत्पाद पूर्व, अग्रायणीय , वीर्यप्रवाद , ज्ञानप्रवाद , सत्यप्रवाद ,आत्मप्रवाद ,कर्मप्रवाद ,प्रत्याख्यान , वीर्यानुवाद , कल्याणवाद ,प्राणावाद , क्रियाविशाल , लोकबिंदुसार ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हाहा – Haahaa. A type of peripatetic deity. A large unit of time. गंधर्व नामा व्यंतर जाति का एक भेद। काल का एक प्रमाण, 84 लाख हाहांग त्र 1 हाहा।
उद्भेदिम A type of five – sensed – beings. पंचन्द्रिय जीवों का एक भेद।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हल – Hala. Plough, a divine weapon possessed by Ram. कृषि के लिए उपयोग मे आने वाला एक यंत्र, देवोपुनीत एक अस्त्र-महालोचन देव न उन्हे यह अस्त्र रामचंद्र जी को दिया था।
थ The seventeenth consonant of the Devanagari syllabary. देवनागरी वर्णमाला का सत्रहवाँ व्यंजन, इसका उच्चारण स्थान दंतमूल है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हरिनंदि – Harinamdi. Name of a Bhattarak of Nandi group. नंदिसंध बलात्कारयण भट्टारक आम्नाय की उज्जयिनी गट्ठी के एक भट्टारक महीचन्द्र के गुरु। समय – वि. 948।
ऋषि पुत्र An author of ‘Rishiputra Sanhita’. निमित्त शास्त्र तथा ऋशिपुत्र संहिता के रचियता एक ज्योतिशाचार्य (ई. सन् 6-7 की संधि)। [[श्रेणी:शब्दकोष]]