वचन वंदना!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन वंदना –Vachan Vandanaa: Expressing reverential greetings by speech. साधुओं का एक कृतिकर्म; पंच परमेष्ठी के गुणों का वचनों के द्वारा महत्व प्रगट करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन वंदना –Vachan Vandanaa: Expressing reverential greetings by speech. साधुओं का एक कृतिकर्म; पंच परमेष्ठी के गुणों का वचनों के द्वारा महत्व प्रगट करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निसही – Nisahee. ‘Nisahi’, a word to be pronounced at the time of entering into the temple etc. मंदिर, चैत्यालय, मठ, वसति आदि में प्रवेश करने के लिए वहां रहने वाले भूत, यक्ष, आदिकों से ‘निसही’’ इस शब्द को बोलते हुए पूछकर प्रवेश करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रवीन्द्र कुमार बह्यचारी – गणिनिप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के एक प्रमुख षिश्य जम्बद्वीप रचना हस्तिनापुर के प्रमुख स्तम्भ।सन् 1972 में आजन्म ब्रहमचार्य व्रत लेकर क्रमष घर्मक्षेत्र में अथक परिश्रम करके माताजी की प्रेरणा से जम्बुद्वीप हस्तिनापर, तपस्थली प्रयाग, कुण्डलपुर, मांतुगा, अयाध्या एवं अनेक तीर्थ क्षेत्रो का विकास करते हुए जैन धर्म की संस्क्ति का…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन (ॠत) – Vachan (Rta).: True speech or words. ॠत अथवा सत्य वचन “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निष्ठीवन – Nishtheevana. To split out, an infraction of meditative relaxation ; an obstacle related to saint food; coming out phlegm in mouth. थूकना, कायोत्सर्ग का एक अतिचार; आहार अन्तराय; आहार करते समय साधू के द्वारा कफ आदि थूक देने पर निष्ठीवन नाम का अन्तराय होता है “
आमंत्रणी Inviting language. आठ प्रकार के अनुभयवचन में पहली भाषा-बुलवाने वाले वचन।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वन्शपत्र (योनि) – Vanshapatra (Yoni).: A type of female genital organ . योनि के 3 भेदों में एक भेद;बांस के पत्ते के समान लम्बी योनि “इस योनि से साधारण मनुष्य ही उत्पन्न होते हैं “
त्रिभुवन The three worlds, the entire universe. देखें – त्रिलोक। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिरोनति – Shironati. A courteous posture – bowing head with folded & joined hands in reverence. कृतिकर्म का एक अंग; दोनों हाथ जोड़कर मस्तक झुकाकर उसमें जोड़े हुए हाथ लगाकर नम्रीभूत होना “