प्रतिबोध चिंतामणि!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिबोध चिंतामणि – Pratibodha Chintaamani. Name of book related to a story of Mulsangh. एक ग्रंथ जिसमें मूलसंघ की उत्पत्ति की कथा उल्लेखित है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिबोध चिंतामणि – Pratibodha Chintaamani. Name of book related to a story of Mulsangh. एक ग्रंथ जिसमें मूलसंघ की उत्पत्ति की कथा उल्लेखित है “
तदाभास To have same impression. उस जैसा अनुभव होना (आवश्यक नहीं कि वह सत्य हो) । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिपादन – Pratipaadana. Afirming, Representing, Expounding, Proving. व्याख्यान, विस्तृत रूप से प्रस्तुत करना “
जयंत Name of an ‘Anuttar’ heaven, Name of a summit of Ruchak mountain, A door of Jambudvip (an island), Cities in the north & south of Vijayardh mountain, Name of a planet and a demigod. एक अनुत्तर स्वर्ग का नाम , रूचक पर्वत का एक कूट , जम्बूद्वीप की जगती का द्वार , विजयार्ध की…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिघात कर्म – Pratighaata Karma See – Pratighaatkarma. देखें – प्रतिघतकर्म “
तत्ववती धारणा Auspicious conceptual meditation with contem-plation. पिंडस्थ ध्यान की एक धारणा जिसमें अपनी आत्मा को अतिशय युक्त, सिंहासन पर आरूढ,कल्याण की महिमा सहित देव, दानव धरणेन्द्रादि से पूजित है, ऐसा चिन्तन करना। तत्पश्चात अपने शरीर में प्राप्त आठों कर्मो से रहित निर्मनल पुरूषाकार आत्मा का चिंतवन करना। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतरांगुल – Prataraangula. A unit of area measurment. सूच्यंगुल के वर्ग को प्रतरांगुल कहते है “
उद्योत शुद्धि Careful act of walking (in day light). सूर्य के प्रकाश में जब साफ भूमि दिखने लगे तब मुनि 4 हाथ भूमि देखकर चलते हैं इसे ही उद्योतशुद्धि कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्पदंतसागर – Puspadamtasagara. Name of a saint, the disciple of Acharya Shri Vimalsagar Maharaj. आचार्यश्री विमलसागर महाराज के एक प्रसिध्द आचार्य- शिष्य (ई. श. २०-२१), जिनकी प्रेरणा से सोनकच्छ (म. प्र.) के नजदीक पुष्पगिरी तीर्थ का निर्माण हुआ है “