स्निग्ध गुण!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्निग्ध गुण – Snigdha Guna. Greasiness, smoothness.फ्ुद्गलों के स्नेह और रुक्ष दो गुणो मे एक गुण। चिकण्णपना अर्थात् चिकनाई, जिसके कारण परमाणुओ मे बंधा होता है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्निग्ध गुण – Snigdha Guna. Greasiness, smoothness.फ्ुद्गलों के स्नेह और रुक्ष दो गुणो मे एक गुण। चिकण्णपना अर्थात् चिकनाई, जिसके कारण परमाणुओ मे बंधा होता है।
चतुराश्रम The four stages of life. ब्रह्मचर्य , गृहस्थ , वांप्रष्ठ व सन्यास आश्रम ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == लेश्या : == योगप्रवृत्तिर्लेश्या, कषायोदयानुरंजिता भवति। तत: द्वयो: कार्यं, बन्धचतुषक् समुद्दिष्टम्।। —समणसुत्त : ५३२ कषाय के उदय से अनुरंजित मन—वचन—काय की योग प्रवृत्ति को लेश्या कहते हैं। इन दोनों अर्थात् कषाय और योग का कार्य है चार प्रकार का कर्म—बन्ध। कषाय से कर्मों की स्थिति और अनुभाग बन्ध…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थूल ऋजुसूत्र नय – Sthuula Rjusuutra Naya. A view point related to the gross momentary state of something (body etc).अनेक समयवर्ती स्थूल पर्याय को जो ग्रहण करे वह नय, जैसे मनुष्यादि पर्याय।
उनचास Forty-nine. एक संख्या सहनानी रज्जूप्रतर रज्ज2(7)2=49। एक बार सम्मेदशिखर की वंदना करने वाला भव्य जीव अधिकतम 49 भव में नियम से मोक्ष प्राप्त करता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीर कवि –ViraKavi. Name of a great writer of ‘JambusamiChariu’ जम्बुसमी चरिउ, अपभ्रंश भाषा बद्ध ग्रन्थ के कर्ता ” समय ई १०१९ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थिति बंध अध्यवसाय स्थान – Sthiti Bamdha Adhyavasaaya Sthaana. Passionful thoughts causing binding of karmas with the soul.स्थितिबंध के लिये कारणभूत आत्मा के कषाय युक्त परिमाण। इनको कषाय अध्यवसाय स्थान भी कहते है।
दर्पण Mirror; an auspicious device which is to be kept near Lord idol. शीशा, एक मंगल, अकृत्रिम प्रतिमाओं के समीप सिथत 108 मंगल द्रव्यों में एक मंगल द्रव्य।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संजात – Sanjaata. Name of a the 5th Tirthankar (Jain Lord) of Videh Kshetra (region). विदेह क्षेत्रस्थ ५ वें तीर्थंकर इनका चिन्ह सूर्य एवं जन्म नगरी अलकापुरी हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थापना निक्षेप – Sthaapanaa Niksepa. Installation of a real form into its artificial one.धातु, काष्ठ, पाषाण आदि की प्रतिमा तथा अन्य पदार्थों मे यह वह है इस प्रकार की कल्पना करना स्थापना निक्षेप है।