पृथकत्व!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पृथकत्व – Prthaktva. Number between 3 to 9 (days, years etc.), Differentiation, separateness. तीन से ऊपर और नौ से नीचे की संख्या जैसे – दिवस प्रथकत्व या वर्ष प्रथकत्व कहने पर क्रमश: ४ से ८ दिन या वर्ष जानना चाहिए “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पृथकत्व – Prthaktva. Number between 3 to 9 (days, years etc.), Differentiation, separateness. तीन से ऊपर और नौ से नीचे की संख्या जैसे – दिवस प्रथकत्व या वर्ष प्रथकत्व कहने पर क्रमश: ४ से ८ दिन या वर्ष जानना चाहिए “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भग्नावशेष – Bhagnavasesa. Ruins, broken remains. टूटे हुए अवशेष “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विभाव गुण – Vibhava Guna. Extrinsic qualities, contrary to real nature. जीव के मतिज्ञान आदि ४ ज्ञान एवं पुद्ग्ल के परमाणु द्रव्य के वर्णादि गुण को छोडकर द्रयअणु आदि स्कन्धों के विभाव गुण हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव संवर – Bhava Samvara. Psychic stoppage of Karmic flow. संसार की निमित्त भूत किृया की निव्रत्ती होना “
[[श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[श्रेणी:शब्दकोष ]] == गुरु—विराधना : == यस्य गुरौ न भक्ति:, न च बहुमान: न गौरवं न भयम्। नापि लज्जा नापि स्नेह:, गुरुकुलवासेन किं तस्य ? —समणसुत्त : २९ जिसमें गुरु के प्रति न भक्ति है, न बहुमान है, न गौरव है, न भय (अनुशासन) है, न लज्जा है तथा न स्नेह है, उसका…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विवृत योनि – Vivrta Yoni. Opened female genital organ. योनि के ९ भेदों में एक भेद; खुला हुआ उत्पत्तिस्थान “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नंदि अन्वय – Namdi Anvaya A group of saints of Dravid sangh. द्रविड़ संघ के एक गच्छ का नाम ”
एकीभावस्त्रोत्र A philosophical hymn written by Acharya Vadiraj. आचार्य वादिराज (ई. सन्. 1010-1065) कृत संस्कृत स्तोत्र जिसकी रचना करते हुए उनके शरीर का कुष्ठ रोग दूर हो गया था।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] The spiritual teacher or preceptor of Padmanandi-6, A disciple of Kaldhautanandi(a saint). आचार्य पद्मनन्दि नं. 6 के गुरु, देशीयगण की तृतीय शाखा में कल्धौतनिन्द के शिष्य “
एकान्तभावात्मक Merely existent, Lonely. एकान्त भाव से सहित।[[श्रेणी:शब्दकोष]]