उभयातिचार!
उभयातिचार A type of super-natural power. प्रयाश्चित का एक अतिचार, आलोचना और प्रतिक्रमण के अतिचार को उभयातिचार कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उभयातिचार A type of super-natural power. प्रयाश्चित का एक अतिचार, आलोचना और प्रतिक्रमण के अतिचार को उभयातिचार कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गंधोदक Sacred fragrant water (pertaining to anointment of a Jaina idol). सुगन्धित प्रासुक जल; भगवान के न्हवन (अभिषेक) से पवित्र जल ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वश्य यन्त्र – Vashya Yantra.: A special metallic plate engraved with mystic words & diagrams (pertaining to enchantment). विशिष्ट अक्षर , मंत्र शब्दों एवं विभिन्न रेखाकृतियों से चित्रित किया गया एक यंत्र “
गन्धर्वनगर A city of Vidyadhars, An illusory image of a city of clouds. विद्याधारों की एक नगरी , मेघों से निर्मित काल्पनिक नगर । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वर्षधर – Varshadhar.: Mountains like Himvan etc. are called Varshadhar because they cause in the division of areas . हिमवन आदि पर्वतों के कारण क्षेत्रों का विभाग होने से इन पर्वतों को वर्षधर कहते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचनद – Panchanada. Another name of Punjab state. वर्तमान पंजाब “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वर्णविभाग – Varnavibhaaga.: Four classes into which Indo-Aryan society was early divided. वर्णव्यवस्था या वर्णभेद;क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र, ब्राह्मण “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विष – Visha. Poison, intense fruition of inauspicious Karmas is also called as poison. जहर, अशुभ कर्म के तीव्र उदय रूप फल को भी विष की संज्ञा प्रदान की गई है “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मिथ्या शल्य–Mithya Shalya. False concept of religious devotion. ‘अपना निरंजन दोष रहित परमात्मा ही उपादेय है’ ऐसी रूचिरूप सम्यक्त्व से विलक्षण मिथ्याशल्य कहलाती है ” अर्थात् मिथ्यात्व में रूचि रखते हुए व्रतों का पालन करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंच अग्नि – Pancha Agni. Five kinds of fire, Five fold conducts observed by jain Acharyas. पांच प्रकार की अग्नि ” जैसे जैन धर्मके अनुसार पंचाचार को पंचाग्नितप भी कहते है ” जिनका पालन प्रमुखता से आचार्यगण करते है “