दण्डरत्न!
दण्डरत्न One of the 14 jewels of Chakravarti. 14 रत्नों में एक रत्न चक्रवर्ती का एक निर्जीव रत्न । यह सेना के आगे चलता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दण्डरत्न One of the 14 jewels of Chakravarti. 14 रत्नों में एक रत्न चक्रवर्ती का एक निर्जीव रत्न । यह सेना के आगे चलता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रेस्य प्रयोग- देषव्रत का एक अतिचार; मर्यादा के बाहर सेवक को भेजकर काम कराना। Presya prayoga- A type of violation, to do something out of limit
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पृथत्त्क्व व्यवहार – Prthaktva Vyavahara. Nature of unity in diversity. व्यवहार का एक भेद; जहाँ पर भिन्न द्रव्यों में एकता का संबंध दिखाया जाता है उसे पृथत्त्क्व व्यवहार कहते हैं “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == सेना : == कार्यकृद् गृह्यको जन:। —त्रिषष्टिशलाका : १-१-९०८ जो कार्य (सेवा) करता है, लोग उसे पूजते ही हैं।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षोडशकारणधर्म चक्रोद्धारयंत्र – Sodashakaaranadharma Cakroddhaarayantra. A type of metallic plate engraved with some auspicious mystical diagrams & words. षोडशकारण धर्म संबंधित अक्षर-मंत्रों से एवं विभिन्न रेखाकृतियों से चित्रित यंत्र “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बालाग्र – Balagra. A area unit. क्षेत्र का प्रमाण विशेष ” अपरनाम केशाग्र “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षड्ज – Sadja. One of the 7 notes or tons of music. संगीत के सप्त स्वरों में एक स्वर “
गुणार्थिक नय Standpoint of accepting attributes of matter. द्रव्य सामान्य को ग्रहण कर।[[श्रेणी:शब्दकोष]]ने वाला नय
[[श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[श्रेणी:शब्दकोष ]] == जैन—दर्शन : == ण वि अत्थि अण्णवादो, ण वि तव्वाओ जिणोवएसम्मि। —सन्मति तर्क् प्रकरण : ३-२६ जैन दर्शन में न एकान्त भेदवाद मान्य है और न एकान्त अभेदवाद। अत: जैन दर्शन भेदाभेदवादी दर्शन है।