ऐलक!
ऐलक A loin-clothed Jaina saint. जैन संत जो मात्र एक वस्त्र (लंगोट) धारण करते हैं केषलोच करते हैं एंव पिच्छी- कमण्डलु रखते है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
ऐलक A loin-clothed Jaina saint. जैन संत जो मात्र एक वस्त्र (लंगोट) धारण करते हैं केषलोच करते हैं एंव पिच्छी- कमण्डलु रखते है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उग्रादित्य Name of a Brahmin leader. पूर्वार्द्ध के एक ब्राह्मण (ई.सन् 828) जिन्होंनं कल्याणकारक नामक एक वैद्यक ग्रंथ लिखा।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
एकानंत Unidirectional finite (like ocean which seems to be endless). जिस एक पदार्थ को देखने पर उसका अंत नहीं पाया जाता उसको एकान्त कहते हैं जैसे अथाह समुद्र।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
एकयम A self restraint. सममायिक शुद्धि संयम, यह द्रव्यार्थिक रूप है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दूर दर्शित्व ऋद्धि A supernatural power of super-distantial attainment of vision. जिस ऋद्धि के प्रभाव से साधु को चक्षु इन्द्रिय के उत्कृष्ट विषय क्षेत्र से भी संख्यात योजन दूर स्थित वस्तु को देखने की सामथ्र्य प्राप्त होती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव लेश्या – Bhava Lesya. Volitional aura. कषाय से अनुरंजित योग की प्रव्रत्ति होना “
दामोदर (ब्रह्म) Name of a disciple of Jinachandra Bhattarak.जिनचन्द्र भटटारक के शिष्य सिरिपाल चरिउ 1450-1514 एवं चंदप्पहचरिउ के रचयिता।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावप्रतिक्रमण – Bhavapratikramana. Internal atonement, internal penitence. आर्त, रौद्र इत्यादिक अशुभ परिणाम व पुण्यास्त्रव के कारणभूत शुभ परिणाम का त्याग करना ” यह प्रतिकर्मण वीतरागी मुनियों के होता है “