सुरसा!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुरसा – Surasaa. Name of the female divinity of a peripatetic deity ‘Mahakal’. व्यंतरेन्द्र महाकाल की देवी ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुरसा – Surasaa. Name of the female divinity of a peripatetic deity ‘Mahakal’. व्यंतरेन्द्र महाकाल की देवी ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पार्श्वदेव – Parsvadeva. Disciple of Yashdevacharya and who wrote Sangitsamaysar. संगीतसमयसार के रचयिता एवं यशदेवाचार्य के शिष्य “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] ललित कीर्ति – यषकीर्ति न 3 के गुरू और रत्ननंदी द्वि के षिक्षा गुरू। समय ई – 1214, काश्ठसंघी जगतकीर्ति के षिश्य एक मंत्रवादी। कृति महापराण टीका। नंन्दीष्वर व्रत आदि 13 कथाएं। Lalitakirti-Name of saints-(1) Spiritual teacher of ratnanandi-II (2) The disciple of Jagatkirti of Kashtha Group
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुमनस – Sumanasa. The first heavenly aboding place of Urddhva Graiveyak. ऊध्र्व ग्रैवेयक का प्रथम इन्द्रक विमान ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पारा – Para. Mercury, A river of Bharat Kshetra in Arya Khand (region). एक धातु, भरत क्षेत्र आर्यखण्ड की एक नदी “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रश्मिवेग – पुश्कलावती के विजयार्ध पर त्रिलोकोत्तम नगर के राजा विद्युतगति का पुत्र था।युवावस्था में दीक्षित हुआ, योग में लीन स्थिति में एक अजगर निगल गया।समाधिपूर्वक मरने से अच्यूत स्वर्ग के पुश्कर विमान मे देव हुअ्रा। Rasmivega-The son of kind Vidyutgati of Trilokottam city situated in Pushkalavati country of Vijayardh mountain
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लेश्या मार्गणा – Leshyaa maarganaa.: Investigation of attitudes of beings. 14 मार्गणाओं में एक मार्गणा जिससे जीव के भावों का अन्वेषण किया जाता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संवाह – Sanvaha. A type of township; prosperous place. नगरों का एक प्रकार ” जहां मस्तक तक ऊचें ऊचें धान्य के ढेर लगे रहते हैं वेह संवाह नगर कहलाता हैं ” समुन्द्र की बेला से वेसिस्ट स्थान “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पापकर्मैकसग्रता- Papakarmaikasargata. Absence of the sense of right knowledge- an infraction of mditative relaxation. कायोत्सर्ग का एक अतिचार; कर्तव्य अकर्तव्य के विवेक से शून्य होना, मूढ़ता और कायोत्सर्ग के समय हिंसादि के परिणामों का उत्कर्ष होना”