गान्धर्व विवाह!
गान्धर्व विवाह See – Ga´dharva Vivåha. देखें-गन्धर्व विवाह ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गान्धर्व विवाह See – Ga´dharva Vivåha. देखें-गन्धर्व विवाह ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्यनीक- pratyanika Tendency of disrespect (related to spirituality) श्रुत व श्रुतधारकों में अवय रुप प्रवृति या उनके प्रतिकूल होना।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सचित्त द्रव्य शल्य – Sachitta Dravya Shalya. A type of material sting; servants etc. animate objects. द्रव्य शल्य के तीन भेदों में एक भेद; दास आदि सचित्त द्रव्य शल्य है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संवृत्त-विवृत्त – Sanvrtta-Vivrtta. A type of female genital organ with having some hidden & some opened portion. योनि के 9 भेदों में एक भेद; जो योनि स्थान कुछ ढका हुआ और कुछ खुला हुआ हो “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वस्त्री – Svastrii. Own life accepted with social customs & rituals. दैव शास्त्र गुरु को नमस्कार कर तथा अपने भाई बन्धुओ की साक्षी पूर्वक जिस कन्या के साथ विवाह किया जाता है वह विवाहित स्त्री कहलाती है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भित्ति कला – Bhitti Kala. Mural art (art related to wall- painting). दीवार पर बनने वाली चित्रकला “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == स्यात् : == नियमनिषेधनशीलो निपातनाच्च य: खलु सिद्ध:। स स्याच्छब्दो भणित:, य: सापेक्षं प्रसाधयति।। —समणसुत्त : ७१५ जो सदा नियम का निषेध करता है और निपात रूप से सिद्ध है, उस शब्द को ‘स्यात्’ कहा गया है। यह वस्तु को सापेक्ष सिद्ध करता है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्य अनर्थदंड – Bahya Anarthadamda. To abandon huntings etc. शिकार खेलना आदि का त्याग करना “