द्वैपायन!
द्वैपायन See – Dvîpåyana. देखें – द्वीपायन। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संजात – Sanjaata. Name of a the 5th Tirthankar (Jain Lord) of Videh Kshetra (region). विदेह क्षेत्रस्थ ५ वें तीर्थंकर इनका चिन्ह सूर्य एवं जन्म नगरी अलकापुरी हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थापना निक्षेप – Sthaapanaa Niksepa. Installation of a real form into its artificial one.धातु, काष्ठ, पाषाण आदि की प्रतिमा तथा अन्य पदार्थों मे यह वह है इस प्रकार की कल्पना करना स्थापना निक्षेप है।
द्वीद्रिय जीव That which has two senses. जिन जीवों के स्पर्शन – रसना दो इन्द्रियां होती है, शंख कृमि आदि।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चमू A division of army. सेना का एक अंग . इसमें ७२९ रथ , इतने ही घोड़े , ३६४५ प्यादे और इतने ही घुड़सवार सैनिक होते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सम्यगवघिज्ञान – Samyagavadhigyaana. Right clairvoyance. जो ज्ञान वस्तु के स्वरुप को न्यूवता रहित, अधिकता रहित, विपरीतता रहित, सन्देह रहित, जैसा का तैसा जानता है उसे सम्यज्ञान कहते है। अथवा वस्तु स्वरुप को यथार्थ रुप से जानना।
चेतन Sentient being, Rational, Psychical, Conscious. अनुभवरूप भाव का नाम चेतन है अथवा जाने वाला आत्मा , जीव ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्त्री संसर्ग – Stri Samsarga. Sexual intercourse.पुरुष का स्त्री के साथ संभोग करना।
चतुर्मुख देव A writer who wrote ‘Padupachasi’ & ‘Harivanshpuran’. फ्दुपचासी एवं हरिवंश के कर्ता ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समुद्र – Samudra. Ocean, sea (one of the dreams of Lord’s & Bharat chakralvatis mother). सागर। तीर्थकरो की माता एवं भरत चक्रवर्ती की माता (यषस्वती) के स्वप्नों मे एक स्वप्न।