भेदवाद!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] भेदवाद:Principle of analysing something with its different properties. वस्तु को गुण, पर्याय, लक्षण आदि की अपेक्षा ग्रहण करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] भेदवाद:Principle of analysing something with its different properties. वस्तु को गुण, पर्याय, लक्षण आदि की अपेक्षा ग्रहण करना “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पदार्थ: Substance, Matter. जिन पदों से अर्थ का बोध हो अर्थात वह जो द्रव्यमय, गुणमय व प्र्यायमय हो, 7 तत्वों में पुण्य-पाप मिलाने से पदार्थ 9 होते है।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] य–Ya. The twenty sixth consonant of the Davanagari syllabary. देवनागरी वर्णमाला का छब्बीसवाँ व्यंजन अक्षर इसका उच्चारण स्थान तालु है”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावासन्न – Bhavasanna. Impure saint. जो साधु चारित्र से भ्रष्ट होकर सिध्द मार्ग की अनुयायी क्रियाएं करता है तथा असंयत जनों की सेवा करता है”
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पदनिक्षेप: Going forward step by step. Meaningful terms related to actuality in the lowest and highest states. एक-एक कदम बढाते हुए चलना पदनिपेक्ष कहलाता है। जो जघन्य और उत्कुष्ट पद विषयक निष्चय में ले जाता है। उसे पदनिक्षेप कहते है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विहायोद्विक –Vihayodvika. A type of dyad pertaining to the praised & non-praised spatial movement. प्रशस्त और अप्रशस्त विहायोगति “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] भूमिस्पर्श:A type of fault related to saint food (touching the land by hands).साधु का आहार संबंधी एक अन्तराय; हाथसेभूमि को छूना।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पति :Husband, the male life partner. यज्ञ, पूजा, प्रतिष्ठा आदि शुभ कार्यो के साथ स्त्री का विववाह जिसके साथ हुआ हो ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशेषनय – Vishesha Naya. A particular standpoint believing that the soul is non-extricated. अव्यापकता रूप कथन करने वाला नय ” जैसे – आत्मद्रव्य एक मोती की भांति अव्यांपक है, सदा से रहने वाले नर – नारकादि जीव का बोधन करना विशेष नय हैं “
ऐश्वर्य मद Puff or pride of prosperity. 8 मदों में एक मद, धन सम्पत्ति आदि का घमंड।[[श्रेणी:शब्दकोष]]