उपाय-उपेय भाव!
उपाय-उपेय भाव Goal with means . जो साधक रूप है वह उपाय है और जो सिद्धरूप है वह उपेय है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपाय-उपेय भाव Goal with means . जो साधक रूप है वह उपाय है और जो सिद्धरूप है वह उपेय है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लौकिक मूढ़ता–Laukika Mudhataa.: See- Loka Mudhataa. देखें –लोक मूढ़ता “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विविक्त शय्यासन – Vivikta Sayyasana. Isolated place for sleeping or rest. पांचवां बाहा तप-व्रत की शुध्दि के लिए, पशु, स्त्री आदि से रहित एकांत प्रासुक स्थान में साधु के द्वारा ध्यान – अध्ययन के लिए शय्या व आसन ग्रहण करना “
आहार Food or Karmic intake. भोजन-खाद्य, स्वाद्य लेह्य, पेय चार प्रकार का है। अथवा नोकर्म वर्गणा आहारक, भाषा व मनोवर्गणा का ग्रहण करना आहार है। इनको ग्रहन करने वाले आहारक कहलाते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चयकाल – Nishchaya kaala. Time factor causing transformation of any entity. काल जो परिणमनकरने के कारण होता है अर्थात् जो सर्वद्रव्यों के परिणमन में उदासीन निमित्त कारण है ” इसी के आधार पर व्यवहार काल जाना जाता है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विमुख – Vimukha. Indifferent knowledge, contrary to known sub-jects. ज्ञेय विषयों से विभिन्न रूप वाले ज्ञान को विमुखज्ञान कहते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शांति – Shanti. Peace, Calmness, Pacification, Tranquillity, The 51st planet. माध्यस्थ्य, समता, वैराग्य, प्रशं, शांति ये सब एकार्थ्वाची हैं, 51वें ग्रह का नाम “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बीधा अन्न – Bidha Anna. Non- edible cereals or grains infected by insects. धुना हुआ अन्न जो अभक्ष्य माना गया है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शल्य – Shalya. Sting; thorn; something that causes pain to body or mind; anger, pride, illusion, greediness, love, lust, longings for next birth (Nidan) & wrong belief are 8 stings in this world. शल्य का अर्थ पीड़ा देने वाली वस्तु है ” अर्थात् शरीर और मन सम्बंधी पीड़ा का कारण, कर्मोदय जनित विकार या…
उपाधि Rank, Alien belonging, Attachment, Requisites. पदवी, संसार से मोह अर्थात साधन के साथ अव्यापक और साध्य के व्यापक हेतु को उपाधि कहा जाता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]