पुष्पदत्त!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्पदत्त – Puspadatta. Name of the 7th Narayan. ७वें नारायण का नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्पदत्त – Puspadatta. Name of the 7th Narayan. ७वें नारायण का नाम “
उच्चारण वृत्ति Name of a treatise. कषाय पाहुड के चूर्णिसूत्रों के आधार पर उच्चारणाचार्य द्वारा विस्तृत उच्चारण वृत्ति एंव आचार्य बप्पदेव द्वारा संक्षिप्त उच्चारण वृत्ति लिखी गई।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्करवर सागर – Puskaravara Sagara. An ocean surrounding Pushkarvardvip (island). पुष्करवरद्वीप की घेरे हुए एक समुद्र “
आलोचित Faults that have been accepted by disciple. जिन दोषों की आलोचना की जा चुकी है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुरुषत्त्व – Purusattva. Man hood, Manliness, Virility. पुरुषता- पुरुषपने के समस्त गुणों से युक्त “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुराणसंग्रह – Puranasamgraha. Name of books pertaining to the life history of Jaina-Lords. आचार्य दामनन्दि, श्रीचन्द्र आदि आचार्यों द्वारा २४ तीर्थंकरों के जीवन चरित्र के आधार पर रचित इस नाम के कई ग्रंथ हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रज्ञाभाव छेदना – Pragyaabhaava Chhedanaa. Sagacious knowledge related to 6 entries (dravyas). मतिज्ञान, श्रुतज्ञान, अवधिज्ञान, मनःपर्ययज्ञान और केवलज्ञान के द्वारा छह द्रव्यों का ज्ञान होना “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == मोह-विजय : == णिस्सेसखीणमोहा, फलिहामलभायणुदयसमचित्तो। —पंचसंग्रह : १-१५ जिसने सम्पूर्ण मोह को पूरी तरह नष्ट कर दिया है, उस निर्मोही का चित्त स्फटिक मणि के पात्र में रखे हुए स्वच्छ जल की भाँति निर्मल हो जाता है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] भेदकल्पना – सापेक्ष – अशुद्ध – द्रव्यार्थिक नय –A kind of viewpoint which differentiate the relation of properties (virtues) and its possessor (matter). नय; जो द्रव्य में गुण-गुणी का भेदकर के उनमेंसम्बधं स्थापित करता है, जैसे द्रव्य गुण व पर्याय वाला है अथवा जीव ज्ञानवान्है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीथी –Vithi. Way, road, streets or lanes (pertaining to the Samavsharn – assembly of Jaina – Lord) मार्ग, सड़क, समवशरणभूमि के मार्ग, चन्द्र सूर्य के भ्रमण की गलियां “