त्रिधाकरण!
त्रिधाकरण Three divisions of wrong (false) Karmas. मिथ्यात्व के तीन खंड करने की विधि को त्रिधाकरण कहते हैं मिथ्यात्व , सम्यक्मिथ्यात्व, सम्यक्प्रकृति। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
त्रिधाकरण Three divisions of wrong (false) Karmas. मिथ्यात्व के तीन खंड करने की विधि को त्रिधाकरण कहते हैं मिथ्यात्व , सम्यक्मिथ्यात्व, सम्यक्प्रकृति। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावपुरुष – Bhavapurusha. Psychologically male one. पुरुष वेद के उदय से पुरुष की अभिलाषा रूप मैथुन संज्ञा का धारक जीव “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शरीर नामकर्म – Shareera Naamkarma. Physique making Karmic nature causing formation of complete body. जिसके उदय से औदारिक आदि शरीर की रचना हो “
देशस्पर्श Binding of two matters (or of their particles). एक द्रव्य के देश अर्थात् अवयव का अन्य द्रव्य के देश अर्थात् उसके अवयव के साथ स्पर्श करना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
आनर्थक्य Unnecessary, Unnecessary possession of things. अनावश्यक भोग-उपभोग के लिए आवश्यकता से अधिक वस्तु रखना (भोगोपभोग परिमाण व्रत का एक अतिचार)।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
देवकृत अतिशय Fourteen excellences (extraordinary occurrences) of Lord Arihant (done by deities). तीर्थंकरों के 34 अतिशयों में से 14 अतिशय जो देवों द्वारा किये जाते हैं, जैसे- संख्यात योजनों तक वन असमय में ही पत्र, फूल और फलों की वृद्धि से संयुक्त हो जाते हैं, कंटक और रेती आदि को दूर करती हुई सुखदायक वायु…
देवता Lord, Deities, Celestial beings. अर्हंत ; सिद्ध आदि भगवान अथवा स्वर्ग में रहने वाले देव। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दिशांजय क्रिया A type of auspicious activity (winning the universe). गृहस्थ की गर्भान्वय आदि 53 क्रियाओं में एक क्रिया- षट् खण्ड सहित समुद्रान्त पृथिवी को जीतकर वहाँ अपनी सत्ता स्थापित करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]