म!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] म:The 25th consonant of the Devanagari syllabary. देवनागरी वर्णमाला का पचीसवाँ व्यंजन इसका उच्चारण स्थान ओष्ट और नासिका है “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] म:The 25th consonant of the Devanagari syllabary. देवनागरी वर्णमाला का पचीसवाँ व्यंजन इसका उच्चारण स्थान ओष्ट और नासिका है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विक्रिया ऋद्धि – Vikriyaa Riddhi.: A kind of supernatural power of transforming body shape. एक प्रकार की ऋद्धि ; जो तपस्या से प्राप्त होती है इसके 8 भेद हैं – अणिमा , महिमा ,गरिमा ,लघिमा ,प्राप्ति,प्राकाम्य ,ईशित्व ,वशित्व “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विकलेन्द्रिय- Vikalendriya.: Two-sensed, three-sensed or four-sensed beings (deficient-sensed). दो इन्द्रिय ,तीन इन्द्रिय और चार इन्द्रिय जीवों को विकलेन्द्रिय या विकलत्रय कहते हैं “
गुणनिमित्तक ज्ञान Clairvoyance originated due to the subsidence & destruction of Karmas. गुणप्रत्यय अवधिज्ञान;जो अवधिज्ञान क्षयोपशाम , व्रत ,नियम आदि के कारण होता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोजनदान:food donation. साधु आदि को भोजन का दान करना, निर्धन को अन्न आदि दान करना “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोगरति:Involvement in all sensual pleasures constantly. नित्य भोग विलास का सेवन करना “
ग्रामदाह An obstacle in saint food on having burning incident in a village. जिस ग्राम में साधु आहार के लिए गए हैं यदि अग्नि आदि का प्रकोप हो जाए तो यह ग्रामदाह नाम का अन्तराय होता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उज्जवलित Made bright, Radiant, The 7th layer (Patal) of the 3rd hell. प्रकाशवान दीप्तिमान् तीसरे नरक का सातवाँ पटल।[[श्रेणी:शब्दकोष]]