उत्साह!
उत्साह Earnestness, Enthusiasm, Name of the 15th Tirthankar (Jaina-Lord) of past era. उमंग इच्छा भूतकालीन 15 वें तीर्थंकर (उत्साहनाथ)। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
उत्साह Earnestness, Enthusiasm, Name of the 15th Tirthankar (Jaina-Lord) of past era. उमंग इच्छा भूतकालीन 15 वें तीर्थंकर (उत्साहनाथ)। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चयगुप्ती – Nishchayagupti. Absolute purety of soul (with mind, speech & body). मुनि अवस्था में सहज शुद्ध आत्मा-भावनारूप गुप्त स्थान में संसार के कारणभूत रागादि के भय से अपने को छिपाना अर्थात् मन वचन काय की रागादि प्रवृत्तियों से निवृत्त होना”
धारागृह Name of a dominion ‘Sheetgrah’ of Bharat Chakravarti (an emperor). भरत चक्रवर्ती की एक विभूति ‘शीतगृह’(ताप-विनाशी स्नानगृह) का नाम। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
इहलोकाशंसा प्रयोग Desire to become a king etc. related to this world. इस लोक से संबंधित आकांक्षा होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
धवल सेठ A wealthy person of Kaushambi city. कौशाम्बी नगर का एक सेठ, श्रीपाल को समुद्र में गिराने वाला। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
उपासकाध्ययन A type of scriptural knowledge (Shrutgyan). द्रव्यश्रुतज्ञान का सातवाँ अंक जिसमें श्रावक धर्म का विशेष विवेचन किया गया है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
धर्मानुप्रेक्षा See – Dharma Anuprek¼å. देखें – धर्म अनुप्रेक्षा । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धर्मलक्षण Basic characteristics of religion, Nature of a substance. सम्यग्दर्शन, सम्यग्ज्ञान, स्म्यग्चारित्र- ये धर्म के लक्षण हैं। वस्तु का स्वभाव भी धर्मलक्षणकहा जाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धर्मप्रभावना Propagation of religion. धर्म की प्रभावना करना , समुचित रीति से अज्ञानरूपी अंधकार को हटाकर जैनधर्म की महिमा को फैलाना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]