संहार!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संहार – Sanhaara. Drawing together or contraction of soul points, Destruction. संकोच; जीव के प्रदेशों का शरीर के अनुसार संकुचित होना ” नाश, ध्वंस “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संहार – Sanhaara. Drawing together or contraction of soul points, Destruction. संकोच; जीव के प्रदेशों का शरीर के अनुसार संकुचित होना ” नाश, ध्वंस “
जघन्य योगस्थान Lowest grade of vibratory activity of soul. स्थान प्ररूपणा के अनुसार श्रेणि के असंख्यातवें भाग मात्र जो असंख्यात स्पर्धक हैं उनका एक जघन्य योग स्थान होता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सव्यभिचार – Savyabhichaara. A vallacy causing both favour & opposition, an inconclusive fallacy. एक हेत्वाभास । पक्ष व विपक्ष दोनों को स्पर्ष करने वाला हेतु । यह साधारण, असाधारण व अनुपसंहारी तीन प्रकार का होता है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यशोधर्मा – भोजवंश के एक राजा का नाम। समय ई 1143 – 1153 Yasodharma- Name of a king of Bhoj Dynasty
जघन्य अंतरात्मा Beings with right faith but not observing vows. तत्त्व श्रद्धा के सात्घ व्रतों को न रखने वाले अविरत सम्यग्दृष्टि जीव ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तत्प्रतियोगी knowledge of relative imagination of matters or anything else. यह प्रदेश उस प्रदेश से दूर है इस प्रकार का ज्ञान तत्प्रतियोगी नाम का प्रत्यभिज्ञान कहलाता है। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजपिंड – राजा आदि विषेश धनाढय व्सक्तियो के यहां से आहार ग्रहण करना।साधुओं के लिए ऐसे आहार ग्रहण करना निशेध है। Rajapinda-Food taking from kingly or royal families (Restricted from saints)
जघन्यलब्धि Minimum attainments of spiritual virtues (like restraint etc.). जघन्य क्षयोपशम या संयामादि गुणों की प्राप्ति ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रेषन्दीगिरी तीर्थ – मध्यप्रदेष के छतरपुर जिले में अवस्थित एक सिद्ध क्षेत्र जहां से वरदत्त आदि मुनि मोक्ष पधारे। इस क्षेत्र का दूसरा नाम नैनागिरी भी है। Resandigiri (Tirtha)-Name of a place of pilgrimage (Siddhakshetra) of M. P. It’s another name is nainagiri