वज्रधर!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वज्रधर –Vajradhara. Name of the 11th Tirthankar(Jain-Lord) of Videh region. विदेह क्षेत्र में स्थित 20 तीर्थंकरों में 11वें तीर्थंकर ” चिन्ह शंख , पिता पद्यरथ एवं माता का नाम सरस्वती है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वज्रधर –Vajradhara. Name of the 11th Tirthankar(Jain-Lord) of Videh region. विदेह क्षेत्र में स्थित 20 तीर्थंकरों में 11वें तीर्थंकर ” चिन्ह शंख , पिता पद्यरथ एवं माता का नाम सरस्वती है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नेमिनंदि – Neminandi. A Bahttarak (learned person) of Nandi group. नन्दिसंघ बलात्कार गण की ग्वालियर गद्दी के एक भट्टरक (वि. 1223) “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शीतलप्रसाद – Sheetalaprasaada. Name of a great celibate, the commentator of great treatise, Samaysar. समयसार की भाषा टीका के कर्ता एक आध्यात्मिक विद्वान् (ब्रह्मचारी) ” समय – ई. 1878-1948 “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नृत्यगान – Nrityagaana. To worship Lord with singing & dancing. नाच-गान के साथ देव पूजा आदि करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नील कूट – Neela Kuta. Name of a summit of Neel mountain. नील कुलाचल के 9 कूटों में दूसरा कूट “
द्वैताद्वैत नय Viewpoint of dualism and non-dualism. एक दृष्टिकोण जिसके अनुसार आत्मद्रव्य ज्ञान ज्ञेय अद्वैत नय से महान् ईंधन समूहरूप परिणत अग्नि की भाँति एक है एंव द्वैतरूपनय से पर के प्रतिबिम्बों सम्पृक्त दर्पण की भाँति अनेक हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिवदत्त – Shivadatta. Name of a great Acharya. भगवान महावीर की आचार्य परम्परा में लोहाचार्य के पश्चात हुए चार आचार्यों में तीसरे आचार्य ” समय- ई. 38-58 “
द्विसंधान महाकाव्य A treatise written by Dhananjaya. पाण्डव चरित्र पर धनन्जय कवि द्वारा रचित एक ग्रंथ। जिसमें रामायण और महाभारत दोनों कथाओं से संबंधित अर्थ निकलता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन वंदना –Vachan Vandanaa: Expressing reverential greetings by speech. साधुओं का एक कृतिकर्म; पंच परमेष्ठी के गुणों का वचनों के द्वारा महत्व प्रगट करना “