भाव त्रिभंगी!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव त्रिभंगी – Bhava Tribhamgi. Name of a book. औपशमिकादि भाव विषयक एक ग्रंथ “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव त्रिभंगी – Bhava Tribhamgi. Name of a book. औपशमिकादि भाव विषयक एक ग्रंथ “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यज्ञोपवीत–Yagyopavit. Sacred thread (used for sanctifying or purificatory rites). एक संस्कार; चक्रवर्ती भरत ने 11 प्रतिमाओ के विभाग से वृतो के चिन्ह स्वरुप एक से लेकर 11 तार के सूत्र व्रतियो को दिये थे, जनेऊ; रत्नत्रय एवं सात परम स्थानो का सूतक 3 व 7 तारो का सूत्र” सभी पूजन–दान आदि क्रियाओ में…
एकांतानुवृद्धि योगस्थान A vibratory activity in complete development of body in womb. नवीन शरीर धारण के दूसरे समय से लेकर एक समय कम शरीर पर्याप्ति के अन्तर्मुहूर्त समय तक जो योगस्थान हों।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दुष्टनिग्रह To punish the corrupted, wicked or vicious persons. दुष्टों को दंड देना(राजा या क्षत्रिय का एक कत्र्तव्य)। [[श्रेणी:शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वार्ता – Vaartaa.: Conversation,dialogue,Livelihood with pure conduct observing right duties of life. बातचीत, चर्चा,विशुद्ध आचरणपूर्वक खेती आदि षट्कार्य करके आजीविका चलाना “
देव God, Deity, Celestials. देव शब्द का प्रयोग अर्हंत व सिद्ध भगवन्तों के लिए तथा देवगति में जन्म लेने वाले संसारी जीवों के लिए होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]] या Name of an Acharya possessing knowledge of 11 Angas and 10 Purvas. भद्रबाहु प्रथम (श्रुतकेवली) के पश्चात् दसवें आचार्य जो 11 अंग व 10 पुर्व…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूधर – Bhudhar. Name of a warrior of Ram. राम का एक योध्दा, धरणेन्द्र “
देवगति प्रयोग्यानुपूर्वी Shape of the previous body in transmigratory phase while tending to the celestial state (A karmic nature). नामकर्म, देवगति में जा रहे जीव के आत्मप्रदेशों का आकार पूर्व शरीर आकारवत् रहना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुद्धता – Shuddhataa. Purity, Sacredness. पवित्रता या निर्मलता; कर्मोदय का अभाव होने पर जीव में शुद्धता आती है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुद्गलावर्त – Pudgalavarta. A time unit. काल का एक प्रमाण “