द्रव्य निर्जरा!
द्रव्य निर्जरा Objective shedding, objective physical dissociation. कर्मों का समय पर फल देकर या तप आदि के द्वारा झड़ जाना ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्रव्य निर्जरा Objective shedding, objective physical dissociation. कर्मों का समय पर फल देकर या तप आदि के द्वारा झड़ जाना ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विपाक विचय – Vipaka Vichaya. Contemplation over worldly peculiarities due to the fruition of karmas. धर्मध्यान के ४ भेदों में चौथा भेद; इसमें कर्मों के विपाक से उत्पन्न सांसारिक विचित्रता का चिंतन किया जाता है “
द्रव्य उपशम A type of subsidence (reg. matters). निक्षेपों की अपेक्षा उपशम का एक भेद।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्रविड़ संघ A group of Digambar Jain saints. दिगम्बर परम्परा के अन्तर्गत एक साधु संघ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीर –Vira Warrior, Brave, One of the 5 names of Lord Mahavira पराक्रमी, वीरता प्रकट करना, भगवन महावीर के ५ नामों में एक नाम “
दोष Faults. त्रुटि , कमी, रागद्वेष आदि 18 दोष; अरिहंट परमात्मा इनसे रहित होते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव त्रिभंगी – Bhava Tribhamgi. Name of a book. औपशमिकादि भाव विषयक एक ग्रंथ “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == सत्पुरुष : == दट्ठूण अण्णदोसं, सप्पुरिसो लज्जिओ सयं होइ। —भगवती आराधना : ३७२ सत्पुरुष दूसरे के दोष देखकर स्वयं में लज्जा का अनुभव करता है। (वह कभी उन्हें अपने मुंह से नहीं कह पाता)।
एकांतानुवृद्धि योगस्थान A vibratory activity in complete development of body in womb. नवीन शरीर धारण के दूसरे समय से लेकर एक समय कम शरीर पर्याप्ति के अन्तर्मुहूर्त समय तक जो योगस्थान हों।[[श्रेणी:शब्दकोष]]