त्रिदोष!
त्रिदोष Three thorns as obstacle in the path of salvation. तीन शल्य, मिथ्या, माया, निदान जो व्रती से नहीं होना चाहिए। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
त्रिदोष Three thorns as obstacle in the path of salvation. तीन शल्य, मिथ्या, माया, निदान जो व्रती से नहीं होना चाहिए। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शरीरत्रिक – Sahreeratrika. A triplet related to body. औदारिक, वैक्रियिक, आहारक शरीर “
दशकरण चूलिका A part or lesson of ‘Gommatsar-Karmakanda’ treatise. गोम्मटसार – कर्मकांड ग्रंथ का एक अध्याय , इसमें 10 कारणों का स्वरूप है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संमूर्च्छिम – Sammoorchchhima. Beings caused by spontaneous birth (not by womb or generation). गर्भज और उपपादज जन्म वालों के अतिरिक्त शेष जीव “
देव ऋद्धि Eight types of supernatural powers (attainments) of deities. देवों की 8 प्रकार की ऋद्धियाँ-अणिमा, महिमा , लघिमा, गरिमा, आदि जिनके निमित्त से वे नाना प्रकार के रूप आदि बनाते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दुर्गंधा A girl, having bad smelling body. दुर्गंन्धित शरीर प्राप्त एक कन्या, जिसे पूर्वभव में दिगम्बर मुनिराज को कडुवी तुमडी का आहार देने के पाप से यह दशा प्राप्त हुई थी । पुनः सुगंधदश्मी व्रत कथा में देखें। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दुराग्रही श्रोता Wrong pursuer (a type of obstinate listener). अनुचित आग्रह करने वाला हठी श्रोता ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सामान्यतो द्रष्ट – Saamaanyato Drashta. General anticipation or apprehension for something. स्वार्थानुमान के तीन भेदों में एक भेद । जो सामान्य रूप से लिंग को देखकर लिंगी का अनुमान किया जाता है वह सामान्यतो दृष्ट है।
दिगम्बर मुद्रा Nackedness, natural image. दिगम्बरपने को दिखाने वाली मूर्ति या मुनि का वेश ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सामान्य गृह – Saamaanya Grha. Home, An aboding palace of deities. भवनवासी देवों के भवन का एक गृह (देवों के भवन सामान्यगृह, गर्भगृह, आसनगृह, लतागृह इत्यादि गृह विषेषों से सहित होते है) ।