ऊर्ध्वगौरव धर्म!
ऊर्ध्वगौरव धर्म Particular nature of salvated souls. मुक्त जीव का धर्म वे ऊपर ही जाते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
ऊर्ध्वगौरव धर्म Particular nature of salvated souls. मुक्त जीव का धर्म वे ऊपर ही जाते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पद्मसुन्दर :A disciple of Pandit Padmameru who wrote a book ‘Bhavishyadattacharit’. पंडित पद्ममेरू के शिष्य एवं भविष्यदत्त चरित के रचयिता ।
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == चोरी : == गुणा गौणत्वमायाति याति विद्या विडम्बनाम्। चौर्येणाकीर्तय: पुंसां शिरस्यादधते पदम्।। —ज्ञानार्णव : १२८ चोरी करने से गुण छुप जाते हैं, विद्या निकम्मी हो जाती है और बदनामी सिर पर चढ़कर बोलती है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनोवेग – Manovega. Name of a weapon of Bharat Chakravarti (an emperor) , A king of Rakshas dynasty, Mental impulses. भरत चक्रवर्ती का अस्त्र , राक्षस वंश के संस्थापक राजा राक्षस का पिता , मन के उद्वेग “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्राणघात- हिंसा; प्रामद से युक्त होकर जीवों का घात करना। Pranaghata- Killing of beings
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पद्मरथ: Past-birth name of Lord Anantnath, Name of a kind of Hastinapur. धातकीखण्ड में अरिष्ट नगरी का राजा था, अंत में सल्लेखना पूर्वक मरणकर अच्युत स्वर्ग में इंद्रपद प्राप्त किया, वह अनन्तनाथ भगवान का दूसरा पूवभव है इसी भव में उन्होंने तीर्थकर प्रकृति का बंध कया था । मुनि विष्णुकुमार के बडे़भाई हस्तिनापुर के…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहिर्चित्प्रकाश- बाह्य पदार्थो की ओर जिसकी दृटि हो। Bahircitprakasa- External knowledge
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पद्मनाभचरित्र: A book written by Acharya Shubhchandra. आचार्य शुभचन्द्र (ई0 1516 -1556) कृत एक ग्रन्थ ।