चौबीस तीर्थंकरों के पूर्व भव के नाम आदि
चौबीस तीर्थंकरों के पूर्व भव के नाम आदि भगवान ऋषभदेव पूर्वभव में चक्रवर्ती तथा चौदह पूर्वों के धारक थे और शेष तीर्थंकर महामण्डलेश्वर और ग्यारह अंग के वेत्ता थे। उक्त सभी तीर्थंकर पूर्वभव में अपने शरीरों की अपेक्षा सुवर्ण के समान कान्ति वाले थे।सभी तीर्थंकरों ने पूर्वभव में सिंहनिष्क्रीडित तप कर एक महीने के उपवास…