२५ श्रीरामचन्द्र-सीता आदि की भवावली
श्रीरामचन्द्र-सीता आदि की भवावली राजा विभीषण ने सकलभूषण केवली को नमस्कार कर पूछा – ‘‘भगवन्! श्रीराम ने पूर्व भवों में कौन-सा पुण्य किया था? सती सीता के शील में लोकापवाद क्यों हुआ? रावण से लक्ष्मण का वैर कब से था? इत्यादि। मैं आपके दिव्यवचनों से इन सभी के पूर्वभवों को सुनना चाहता हूँ।’’ तब केवली…