आदि!
आदि Beginning, Primeval, Etcetera (etc.). ‘प्रथम‘ के अर्थ में प्रयुक्त होता है जैसे ऋषभादि भगवान, ‘प्रकार‘ के अर्थ में जैसे पूना आदि शहर, ‘ समीप्य‘ के अर्थ में जैसे नदी आदिक क्षेत्र।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आदि Beginning, Primeval, Etcetera (etc.). ‘प्रथम‘ के अर्थ में प्रयुक्त होता है जैसे ऋषभादि भगवान, ‘प्रकार‘ के अर्थ में जैसे पूना आदि शहर, ‘ समीप्य‘ के अर्थ में जैसे नदी आदिक क्षेत्र।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आदाननिक्षेपण Carefulness in performing activities (putting & taking articles) by Jaina saints. पाँच समितियों में एक समिति-शास्त्र,कमंडलु आदि उपकरणों को देख-भालकर पिच्छी से शोधन करके रखना-उठाना। यह जैन साधुओं का एक मूल गुण है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आत्मसंबोधन A book written by ‘Gyanbhooshanaji’. ज्ञानभूषण जी (ई. सन् 1443-1505) द्वारा रचित अध्यात्म विषयक एक ग्रंथ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आत्मश्रद्धान Self – respect with self devotion. शरीर और वचन के स्वरूप को आत्मा से भिन्न जानते हुए समय को वैराग्य और ज्ञान से व्यतीत करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आत्मव्यवहार Conception of self consciousness. मात्र अविचलित चेतना ही मैं हूँ ऐसा मानना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आत्मवाद A doctrine of identity (reg. pervasion of a soul everywhere). एकांत मतों में एक मत जो मानता है कि एक ही परमात्मा रूप शक्ति है जो सर्व व्यापक है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
साधु-जो अट्ठाईस मूलगुणों का पालन करते हैं, सदा रत्नत्रय के साधन हेतु ध्यान और अध्ययन में लगे रहते हैं, वे साधु परमेष्ठी कहलाते हैं। आचार्य, उपाध्याय और साधु ये तीनों ही दिगम्बर वेषधारी मुनि होते हैं। [[श्रेणी:शब्दकोष]]