आत्मवश!
आत्मवश Self-controlled. जो परभाव को त्याग कर निर्भलस्वभाव वाले आत्मा को ध्याता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आत्मवश Self-controlled. जो परभाव को त्याग कर निर्भलस्वभाव वाले आत्मा को ध्याता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आत्मवध Suicide. आत्महत्या-स्वयं के द्वारा स्वयं की हत्या करना । जो कि महापाप और दुर्गति का कारण।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपाध्याय जिन्हें ग्यारह अंग और चौदह पूर्वों का या उस समय के सभी प्रमुख शास्त्रों का ज्ञान है मुनि संघ में साधुओं को पढ़ाते हें, वे उपाध्याय [[परमेष्ठी]] कहलाते हैं। [[श्रेणी:शब्दकोष]] या Preceptor, Scriptural teacher . रत्नत्रय से संयुक्त जिनकथित पदार्थों के शूरवीर उपदेशक और निःकांक्ष भाव सहित ऐसे मुनिराज।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आत्मलीनता Self absorbedness (engrossed in meditation). आत्म स्वरूप में लीन होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आत्मरक्षित Self-protected, A type of special heavenly deities (Laukantik Dev). स्वयं के द्वारा रक्षित, लौकान्तिक देवों का एक भेद जिनकी संख्या 27027 है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आत्मरक्षा Self restraint from karmic bondage. आत्मा को कर्म बंधन से मुक्त कराने वाले संयम का आचरण।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आत्मरक्ष Deities like body guards. वे देव जो अंगरक्षक के समान हो।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आत्मयज्ञ A supreme sacrificial act of purifying soul. क्रोधाग्रि,कामाग्रि और उदराग्रि का वैराग्य और अनशन की आहुतियों से शमन करना।यति मुनि आदि इस यज्ञ से मुक्ति प्राप्त करते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आत्मभूत Integral virtue, self natured, indigenous quality. लक्षण- जो लक्षण वस्तु के स्वरूप में मिला हो उससे मित्र न हो सके, जैसे जीव का लक्षण चेतना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आत्मनिन्दन Self – condemnation. सम्यग्दृष्टि के द्वारा अपने दोषों की स्वयं निन्दा और गर्हा करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]