स्याद्वादवदन विदारण!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्याद्वादवदन विदारण – Syaadvaadavadana Vidaarana. Name of a treatise written by Acharya Shubhchandra.आचार्य शुभचन्द्र (ई0 1516-1556) द्वारा रचित न्याय विषयक ग्रंन्थ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्याद्वादवदन विदारण – Syaadvaadavadana Vidaarana. Name of a treatise written by Acharya Shubhchandra.आचार्य शुभचन्द्र (ई0 1516-1556) द्वारा रचित न्याय विषयक ग्रंन्थ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्याद्वाद चिंतामणि टीका – Syaadvaadav Cimtaamani Tikaa.Name of a commentary book on “Ashtsahastri Treatise” written by Ganini Gyanmati Mataji.गणिनी श्री ज्ञानमती माताजी द्वारा रचित अष्टसहस्री ग्रंथ की हिंदी टीका (ई0 सन् 1968-69)।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्याद्वादचंद्रिका टीका – Syaadvaadav Camdrikaa Tikaa.See- Niyamasaara Praabhrta.देखे- नियमसार प्राभृत।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्याद्वाद – Syaadvaada. A doctrine of many fold standpoints or possibilities in describing a matter.अनेकान्तमयी वस्तु का कथन करने की पद्वति स्याद्वाद है अथवा स्यात् का अर्थ है सापेक्षा या कथंचित् एवं वाद का अर्थ है कथन, अतः अनेक धर्मात्मक वस्तु के प्रत्येक धर्म का सापेक्ष रुप से कथन करने की शैली का नाम…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्याद्भव्यत्व – Syaadbhavyatva. Separate or different entities of matter.द्रव्य के समान 11 स्वभावो मे एक स्वभाव। एक द्रव्य दूसरे द्रव्य रुप नही होता, यह अभव्य स्वभाव है, अतः द्रव्य अपने स्वभाव को नही छोड़ता।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्याद् नास्ति अवक्तव्य – Syaadasti Naasti Avaktavya. The 6th Bhang of Saptbhangi-exposition of nature of the substance in the aspect of negation & indescribability.सप्तभंगी का छठवां भंग-द्रव्य परचुष्टय की अपेक्षा कथ्ंाचित् नास्तिरुप है और वही द्रव्य स्वचतुष्टय व परचतुष्टय की अपेक्षा युगफद् कथन न किए जाने से कथंचित् अवक्तव्य है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्याद् नास्ति – Syaad Naasti. The 2nd Bhang of Saptbhangi-exposition of nature of the substance in the aspect of negation.सप्तभंगी का दूसरा भंग-द्रव्य परचतुष्टय (द्रव्य, क्षेत्र, काल, भाव) की अपेक्षा से कथंचित् नास्ति रुप है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्यादेकप्रदेशत्व – Syaadekapradessatva. Uni-dimenstional nature of matter (in some aspect).द्रव्य का एक सामान्य-भेद कल्पना निरपेक्ष निश्चय नय की अपेक्षा एकत्व होने से कथंचित् एक प्रदेशत्व स्वभाव है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्यादेकत्व – Syaadekatva. Oneness in nature (in some aspect).द्रव्य के सामान्य 11 स्वभावो मे एक स्वभाव। सम्पूर्ण स्वभावो का एक आधार होने से कथंचित् एक स्वभाव होना।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्यादस्ति नास्ति अवक्तव्य – Syaadasti Naasti Avaktavya. The 7th Bhang of saptbhangi-expostion of the nature of the substance in the aspects of affimation, negation & indescribability.सप्तभंगी मे 7वां। स्वद्रव्य, चतुष्टय (द्रव्य, क्षेत्र, काल, भाव) की अपेक्षा से द्रव्य कथंचित् अस्तिरुप है, परद्रव्य चतुष्टय की अपेक्षा से वही द्रव्य कथंचित् नास्तिरुप है और दोने की…