शुभकामना संदेश अजय जैन, पटना (बिहार) (अध्यक्ष-बिहार प्रान्तीय तीर्थक्षेत्र कमेटी) भाई रवीन्द्र कुमार जी अब स्वस्तिश्री रवीन्द्रकीर्ति स्वामी जी हो गये हैं, यह जानकर हृदय अत्यन्त आल्हादित हो गया। उनका मार्ग शून्य से शिखर की तरफ है। पारस के स्पर्श से लोहा भी सोना हो जाता है, फिर पूज्य माताजी के अन्तेवासी भाई रवीन्द्र कुमार…
अनेकान्त एवं स्याद्वाद अनेकांत प्रत्येक वस्तु में अस्तित्व, नास्तित्व, एक, अनेक भेद, अभेद आदि अनंत धर्म पाये जाते हैं। अनेक अन्त (धर्म) को कहने वाला अनेकांत है। जैसे-जिनदत्त सेठ किसी का पिता है, किसी का पुत्र है, किसी का चाचा है, किसी का भतीजा है। पिता-पुत्र, भाई, भतीजा-चाचा आदि अनेक धर्म उसमें मौजूद हैं। जिसका…
जैनधर्म में आयुर्वेद का महत्व याददाशत बढ़ाती है अच्छी नींद ब्रिटेन में प्रकाशित एक अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार अच्छी व शांतिपूर्ण नींद लेने से याददाश्त की क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि याददाश्त की क्षमता को बनाए रखने के लिए शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ होना जरूरी है। शोधकर्ताओं…
जैनधर्म में आयुर्वेद का महत्व बहुत लाभ हैं नीम के नीम के वृक्ष का हमारे जीवन में बहुत महत्त्व है। प्रकृति की इस महत्त्वपूर्ण देन नीम के वृक्ष की पत्तियाँ, छाल व कोपलें प्राकृतिक चिकित्सा में काम आती हैं। प्राकृतिक रूप में मनुष्य की चिकित्सा करने के लिए नीम को आयुर्वेद में सर्वगुण सम्पन्न वृक्ष…
रीढ़ की हड्डी का असंरेखण तमाम लोगों को पीठ की समस्याएँ होती हैं और वे इतने प्रकार की होती हैं कि मैंने अनुभव किया कि रीढ़ की हड्डियों और कशेरुक को एक अलग श्रेणी में रखा जाए। कृपया आगे दिए गए मेरुदण्ड चार्ट को उसके साथ की सूचना के साथ पढ़ें। फिर चार्ट को उसके…
स्वास्थ्यकारक तालिका Page-1 Page-2 Page-3 Page-4 Page-5 Page-6 Page-7 Page-8 Page-9 Page-10 Page-11 Page-12 Page-13 Page-14 Page-15 Page-16 Page-17 Page-18 Page-19 Page-20 Page-21 Page-22 Page-23Page-24
प्राणायाम एवं योगासन सूक्ष्म प्राणायाम की आठ विधियां १. भस्त्रिका प्राणायाम इस प्राणायाम में नाक द्वारा लम्बी श्वांस लेकर अन्दर तक भरे एवं पूरी शक्ति के साथ श्वांस को लम्बा करके बाहर छोड़े। लेकिन जिनके फैफड़े व हृदय कमजोर हों, उन्हें यह प्राणायाम धीमी गति से करना चाहिए। लाभ : इस प्राणायाम को करने से…