शक्ति है तो सब कुछ तुम्हारा है
शक्ति है तो सब कुछ तुम्हारा है बालक चंद्रगुप्त खेल रहे थे। उसी समय चाण्क्य नाम के ब्राह्मण वहां आए। चाणक्य ने देखा कि खेल में बच्चों का दरबार लगा हुआ है। उनमें एक तेजस्वी बालक राजा बना हुआ है। सामने एक बालक अपराधी के रूप में खड़ा है। राजा बना बालक न्याय कर रहा…