स्वाध्याय प्रारंभ एवं समापन की विधि अथ पौर्वाण्हिक स्वाध्यायप्रतिष्ठापनक्रियायां श्रुतभक्तिकायोत्सर्गं करोम्यहं। णमो अरिहंताणं, णमो सिद्धाणं, णमो आइरियाणं। णमो उवज्झायाणं, णमो लोए सव्वसाहूणं।। चत्तारिमंगलं-अरिहंत मंगलं, सिद्ध मंगलं, साहू मंगलं, केवलिपण्णत्तो धम्मो मंगलं। ‘ चत्तारि लोगुत्तमा-अरिहंत लोगुत्तमा, सिद्ध लोगुत्तमा, साहू लोगुत्तमा, केवलिपण्णत्तो धम्मो लोगुत्तमा। चत्तारि शरणं पव्वज्जामि-अरिहंत शरणं पव्वज्जामि, सिद्ध शरणं पव्वज्जामि, साहू शरणं पव्वज्जामि, केवलिपण्णत्तो धम्मो…
भाग्य का चमत्कार शशिप्रभा–बहन कनक! अन्य ही कोई श्रम करे और उसका लाभ अन्य ही किसी को हो जावे, आज मैंने ऐसी घटना देखी है, जिससे मुझे बड़ा ही आश्चर्य हो रहा है। यह कर्म सिद्धान्त क्या है? कनकलता-बहन सुनो, मैं एक ऐतिहासिक घटना सुनाती हूँ, पुन: कर्मसिद्धान्त को बताऊँगी। अलंकारपुर का स्वामी खरदूषण था,…
औषधिदान का महत्व जया—क्यों बहन विजया! अब तो तुम ठीक हो न, कैसा स्वास्थ्य है तुम्हारा ? विजया—क्या बताऊं…न जाने मैंने इस जन्म में किसी को सताया हो फिर भी भगवान पता नहीं क्यों मुझे ऐसा कठोर दण्ड दे रहा है ? जया—नहीं, नहीं! ऐसा मत कहो विजया, भगवान कभी किसी को दण्ड नही देवा…
णमोकार मन्त्र का महत्त्व णमो अरिहंताणं, णमो सिद्धाणं, णमो आइरियाणं।णमो उवज्झायाणं, णमो लोए सव्वसाहूणं।। नरेश – मित्र! मैंने सुना है कि णमोकार मन्त्र के प्रभाव से कुत्ता देव हो गया, सो कैसे? सुरेश –हाँ बन्धु! क्या तुम्हारी माँ ने कभी तुम्हें णमोकार मन्त्र का महत्त्व नहीं सुनाया? सुनो, मैं सुनाता हूँ। नरेश – मित्र! मैं…
णमोकार मन्त्र का प्रभाव सुरेन्द्र- भइया योगेन्द्र! आज मैंने मुनि महाराज के उपदेशों में सुना कि बन्दर भी णमोकार मन्त्र के प्रभाव से संसार समुद्र से तिर गया है तो मनुष्यों की तो बात ही क्या? सो भइया बन्दर की क्या कहानी है, मुझे सुना दो। योगेन्द्र- हाँ, हाँ, सुनो मैं तुम्हें सुनाता हूँ। किसी…
हरिषेण चक्रवर्ती कांपिल्यनगर के राजा सिंहध्वज की पट्टरानी वप्रादेवी थीं। उनके हरिषेण नाम का पुत्र था। उन राजा की दूसरी रानी महालक्ष्मी थी, यह अत्यंत गर्विष्ठ थी। किसी समय आष्टान्हिक पर्व में महामहोत्सव करके महारानी वप्रा ने जिनेन्द्र भगवान का रथोत्सव कराने का निश्चय किया। तभी रानी महालक्ष्मी ने जैनरथ के विरुद्ध होकर उसे रोक…