तत्त्व और पदार्थ हैं जीव अजीव इन्हीं दो के, सब भेद विशेष कहे जाते। वे आस्रव बंध तथा संवर, निर्जरा मोक्ष हैं कहलाते।। ये सात तत्त्व हो जाते हैं, इनमें जब मिलते पुण्य-पाप। तब नव पदार्थ होते इनको, संक्षेप विधी से कहूँ आज।।२८।। जीव और अजीव का वर्णन किया गया है। इन दो के ही…
राम -सीता द्वारा आहार दान आकाश मार्ग से आते हुए सुगुप्ति और गुप्ति नामक दो मुनिराजों का पड़गाहन करके श्रीरामचन्द्र सीता के साथ भक्तिपूर्वक आहार दान दे रहे हैं, सामने वृक्ष पर बैठा एक गिद्ध पक्षी एकटक देख रहा है। उस आहारदान के समय देवतागण आकाश से रत्नवृष्टि करने लगे, दुंदुभि बाजे बजने लगे। इधर…
आचार्य श्री पुष्पदन्त और भूतबलि परिचय पुष्पदन्त और भूतबलि का नाम साथ-साथ प्राप्त होता है फिर भी नंदिसंघ की प्राकृत पट्टावली में पुष्पदंत को भूतबलि से ज्येष्ठ माना गया है। धरसेनाचार्य के बाद पुष्पदंत का आचार्य काल ३० वर्ष का बताया है और इनके बाद भूतबलि का २० वर्ष कहा गया है अत: इनका समय…
बालक की समझदारी किसी नगर में सोहन नामक एक व्यक्ति रहता था। वह रोज ऑफिस से घर लौटने के बाद अपने इकलौते बेटे के साथ कुछ देर खेल—कूद में वक्त बिताता । एक दिन उसके पास ऑफिस में ज्यादा काम था, लिहाजा वह कुछ काम घर लेकर भी आ गया। उसे अगले दिन तक यह…
प्राकृतिक चिकित्सा सुजोक एक्युप्रेशर अंगों के आकार में समानता वाले अवयव अंगों के उपचार में सहायक— अनादिकाल से चिकित्सक और वैज्ञानिक मानव जाति को रोग मुक्त रखने हेतु प्रयत्नशील है। परन्तु आज भी रोग एवं रोगियों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है । जो हमें सोचने के लिये बाध्य कर रही है कि…
लेटलतीफ रोकने के लिए जैनियों की पहल /> left”30px”]] /> right “30px”]] बारात ३० मिनट लेट तो लौट जाएंगे मेहमान दुल्हन का मेकअप पसीजने लगा, खाना भी ठंडा हो चला, लड़की के पिता के चेहरे पर घबराहट साफ नजर आ रही थी, मुहूर्त अलग निकला जा रहा था, लेकिन इन सब बातों से दूल्हें और…
प्राकृतिक गुणों से भरपूर नारियल नारियल भी प्राकृतिक गुणों से भरपूर होता है। नारियल को आप खा सकते हैं, उसका ऑयल यूज कर सकते हैं। नारियल में विटामिन, डाइटरी फाइबर और मिनरल्स का सम्पूर्ण मिश्रण है। पुराने समय में नारियल को ट्रेडिशनल मेडिसिन के रूप में भी यूज किया जाता था और आज भी स्किन…