चक्रवर्ती का वैराग्य
चक्रवर्ती का वैराग्य अरुण कुमार – गुरूजी! यदि कोई अपनी जिम्मेदारी को न संभालकर दीक्षा ले लेता है तो उसे बहुत ही पाप लगेगा। गुरूजी – नहीं अरुण, ऐसी बात नहीं है। क्या जब यमराज आता है तब कोई अपनी जिम्मेदारी ही संभालते रहते हैं? अरुण कुमार – मृत्यु के सामने तो सभी की लाचारी…