आर्यिका श्री दुर्लभमति माताजी
आर्यिका श्री १०५ दुर्लभमति माता जी पूर्व का नाम : बाल ब्रह्मचारिणी नमिता जी पिता का नाम : श्री चांदमल जी पाटनी माता का नाम : …
आर्यिका श्री १०५ दुर्लभमति माता जी पूर्व का नाम : बाल ब्रह्मचारिणी नमिता जी पिता का नाम : श्री चांदमल जी पाटनी माता का नाम : …
इसमें गुरु की वीतरागता के बारे में बताया गया है -जो रत्नत्रयधारी निर्ग्रन्थ महामुनियों की भक्ति करते हैं, स्तुति करते हैं वे इस संसार में विद्वानों द्वारा प्रशंसा को प्राप्त करते हैं।
संसार में दृश्य मान सभी वस्तुएं कभी ना कभी नष्ट होने वाली हैं कोई भी वस्तु सदा रहने वाली नहीं हैं |