धर्मलक्षण!
धर्मलक्षण Basic characteristics of religion, Nature of a substance. सम्यग्दर्शन, सम्यग्ज्ञान, स्म्यग्चारित्र- ये धर्म के लक्षण हैं। वस्तु का स्वभाव भी धर्मलक्षणकहा जाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धर्मलक्षण Basic characteristics of religion, Nature of a substance. सम्यग्दर्शन, सम्यग्ज्ञान, स्म्यग्चारित्र- ये धर्म के लक्षण हैं। वस्तु का स्वभाव भी धर्मलक्षणकहा जाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वंशाल –Vanshaal : Name of a city of the northen Vijayardh mountain, Name of a system of super power. विजयार्ध पर्वत के उत्तर श्रेणी का एक नगर ,नमि विनमि विद्याधरों को प्राप्त आठ विद्या निकायों में छठा विद्या –निकाय “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भद्रक – Bhadraka. A type of peripatetic deities, Worthy or gentle person. यक्ष जाती के व्यन्तर देवों का एक भेद , चतुर्थ काल के कोमल परिणामी परुष “
धर्मप्रभावना Propagation of religion. धर्म की प्रभावना करना , समुचित रीति से अज्ञानरूपी अंधकार को हटाकर जैनधर्म की महिमा को फैलाना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] व -Va : The 29th consonant of the Devanagari syllabary . देवनागरी वर्णमाला का उन्नीसवां व्यंजन ,इसका उच्चारण स्थान दन्त्य अथवा दन्त्यौष्ठ माना जाता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निषादिनी – Nishaadinee. 5th type of music in all 8 kinds. संगीत की 8 जातियों में पांचवी जाति “
धर्मकथा Religious story. धर्म में दृढ़ करने वाली कथा ; आक्षोपिणी, विक्षोपिणी, संवेदिनी, निर्वेदिनी के भेद से 4 प्रकार की है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिक्षाव्रत – Shikshaavrata. Vows pertaining to religious instructions. मुनिधर्म के अभ्यास में हेतु रूप गृह्स्थों के 4 व्रत-भोगोपभोग परिमाण, सामायिक, प्रोषधोपवास, अतिथिसंविभाग “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चयाचार – Nishchaayachaara. Absolute religious conduct & behaviour. परद्रव्यों से भिन्न शुद्धात्मा तत्व में श्रद्धा, ज्ञान, आचरण, तप शक्ति को न छिपाते हुए परिणमन(आचरण) करना निश्चयाचार है “
धरणा Name of the Ganini (chief Aryika) in the holy assembly of Lord Sheetalnath. शीतलनाथ भगवान के समवशरण की गणिनी (प्रमुख आर्यिका) का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]