घृतस्त्रावी!
घृतस्त्रावी A type of supernatural power (reg. turning tasteless food into delicious). एक रस ऋद्धि ; जिस ऋद्धि के प्रभाव से साधु के हाथ में दिया गया रूखा-सूखा आहार तत्काल घी के सामान रसवाला हो जाता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
घृतस्त्रावी A type of supernatural power (reg. turning tasteless food into delicious). एक रस ऋद्धि ; जिस ऋद्धि के प्रभाव से साधु के हाथ में दिया गया रूखा-सूखा आहार तत्काल घी के सामान रसवाला हो जाता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुरगिरि – Suragiri. Another name of Sumeru mountain. सुमेरू पर्वत का अपरनाम ।
गतिहीन Static, Steady. गतिरीय; सिद्ध परमेष्ठी या धर्मं-अधर्म-आकाश-काल द्रव्य ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चतुर्दशी क्रिया A type of devotional prayer. कृतकर्म ;सिद्धभक्ति , चैत्यभक्ति , श्रुतभक्ति , पंचगुरुभक्ति , शान्तिभक्ति , समाधिभक्तिपूर्वक त्रिकालदेव वंदना करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गणग्रहण क्रिया An act of consecration-departing of passionful deities and installing passionless deities. दीक्षान्वय क्रियाओं की चौथी क्रिया; नया दीक्षित जैनी अपने घर से रागी देवों को विदाकर वीतराग देव की पूजा व स्थापना करता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चतुर्दश भूत ग्राम Fourteen Jiva Samas are called Chaturdash Bhutgram. चौदह जीव समास ही चौबीस भूत ग्राम अर्थात् जीवसमूह कहलाते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समपर्यकासन तप – Samaparyamkaasana Tapa. A meditational posture (as austerity). कायक्लेश तप का एक भेद। आसन-जिसमें पिडंलियाॅ और स्फिक बराबर मिल जायें वह समपर्यकासन है।
गजवती A river of varun mountain in Bharat kshetra (region). भारत क्षेत्र के वरुण पर्वत पर स्थित एक नदी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चरण Ascetic conduct, involving in introspection. चारित्र ; अपने में अर्थात् ज्ञानस्वभाव में ही निरंतर रमण करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मध्य ग्रैवेयक – Madhya Graviveyaka. Three particular heavenly abodes among 9 Graiveyaks. 9 ग्रैवेयक विमानों में बीच के तीन विमान ;यशोधर,सुभद्र , सुविशाल “