पराख्य!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] A chief disciple (Gandhar) of Lord Rishabhdev. ऋषभदेव भगवान के 84 गणधरों मे 34 वां गणधर।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] A chief disciple (Gandhar) of Lord Rishabhdev. ऋषभदेव भगवान के 84 गणधरों मे 34 वां गणधर।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैखरी –Vaikhari. A language, the power the speech. विविधता, विभिन्ता, आश्चर्य “
जय जिनेन्द्र A greeting word pronounced in Jaina community. जैनों में परस्पर विनय और प्रेमभाव प्रकट कर ने के लिए जयजिनेन्द्र शब्द बोला जाता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्याद् नास्ति अवक्तव्य – Syaadasti Naasti Avaktavya. The 6th Bhang of Saptbhangi-exposition of nature of the substance in the aspect of negation & indescribability.सप्तभंगी का छठवां भंग-द्रव्य परचुष्टय की अपेक्षा कथ्ंाचित् नास्तिरुप है और वही द्रव्य स्वचतुष्टय व परचतुष्टय की अपेक्षा युगफद् कथन न किए जाने से कथंचित् अवक्तव्य है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पद्मनाभ (कवि) : Disciple of Bhattarak Gunkirti. भटटारक गुणकीर्ति के षिष्य। समय ई0 1405.1425 ।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मीन–Meen, Fish, a dream–mark of Lord’s mother, signification symbol of the 18th Lord Arahanath. जलचर प्राणी मछली, तीर्थंकर के गर्भावतरण के पूर्व माता को दिखने वाले 16 स्वप्नों में से 8वा स्वप्न, इस स्वप्न में माता को मछलियो का जोड़ा दीखता है, जिसका फल है पुत्र सुखी होगा, १८वे तीर्थंकर भगवान् अरहनाथ का…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्यात्परम – Syaatparama. Exposition of soul in the aspect of steadiness.परिणामिक भाव अर्थात् स्वभाव मे अचलवृत्ति की अपेक्षा जीव का कथन।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पदुम: A number – (10,000,000)17 एक संख्या प्रमाण-(10,000,000)17