चित्रप्रभा!
चित्रप्रभा A Patal (layer) of Saudharma heaven. सौधर्म स्वर्ग का एक पटल ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चित्रप्रभा A Patal (layer) of Saudharma heaven. सौधर्म स्वर्ग का एक पटल ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सराग सम्यग्दर्शन – Saraaga Samyagdarshana. Right perception with auspicious attachments. प्रशम, संवेग, अनुकम्पा और आस्तिक्य आदि गुणेां की अभिव्यक्ति लक्षणवाला सराग सम्यग्दर्षन है। प्रश्न (षुभ) राग सहित जीवो का सम्यत्तव सराग सम्यग्दर्शन हैं।
दशांग धूप Ten types of incenses; fragrant gum or aroma. धूप में मिलने वाली 10 वस्तुएं – अगर , तगर चंदन, मलयगिरि चंदन, तज, पत्रज, छारछवीला (छैल छबीला), पांडरी, खस, नागर मोथा, गढ़ीवन।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चिंताजननी Name of a jewel ‘Kankini’ of Chakravarti (emperor) used for lightening. चक्रवर्ती के १४ रत्नों में ‘ कंकिणी’ अजीव रत्ना , इससे अन्द्कार दूर किया जाता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सम्यक्तव भावना – Samyaktva Bhaavanaa. Seven particular right reflection or volitions. संवेग, प्रषम, स्थैर्य, असंमूढ़ता, अस्मय, आस्तिक्य और अनुकम्पा ये 7 सम्यक्तव की भावनाएॅ है।
चारित्र क्षायिक Conduct formed due to destruction of delusions. चारित्रमोहनीय के नाश से जो चारित्र प्राप्त हो । ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्पर्ष स्पर्ष विधान – Sparssana Sparssana Vidhaana. A type of Anuyogdwar (disquisition door).देखे- स्पर्ष अंतर विधान।
दशरथ Father’s name of Ram, Lakshman, Bharat & Shatrughna. राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघन के पिता का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चौर्य व्यसन To be habitual in theft. चोरी करने की बुरी आदत ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]