रथरेणु!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रथरेणु – छेत्र का मापक प्रमाण। 8 त्रस रेणु=एक रथरेणु। Ratharenu-A measurement unit of area
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रथरेणु – छेत्र का मापक प्रमाण। 8 त्रस रेणु=एक रथरेणु। Ratharenu-A measurement unit of area
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वसुनंदि श्रावकाचार– Vasunandi Shraavakaachaara.: Name of a treatise written by Acharya Vasunandi. आचार्य वसुनंदि (ई. 1068 – 1118) कृत प्राकृत गाथाबद्ध ग्रन्थ”
उष्णाष स्तम्भ Three and a half crores. घर का शिखर या चोटी का पत्थर।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाषा बल – Bhasha Bala. Power of speech. १० प्राणों में एक प्राण, वचन बल “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वशार्तमरण – Vashaartamaran.: A kind of death of one under all worldly panic desires. आर्त्त रौद्र ध्यान सहित मरण ” यह 4 प्रकार का है – इन्द्रियवशार्त, वेदनावशार्त, कषायवशार्त और नोकषायवशार्त “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यषोधचरित्र – वादिराज द्वि ई 1010 – 1065 कृत, कवि पùनाथ ई 1405 – 1425 कृत, सकलकीर्ति ई 1406 – 1442 आदि विद्वानो द्वारा इस विशय के कइ ग्रन्थ रचे गए है। Yasodharacaritra-A character portrayal by many writers
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वर्मिला – Varmilaa.: Another name of mother of Lord Parshvanath. भगवान् पार्श्वनाथ की माता वामा देवी का अपरनाम ” इनका एक नाम ब्राह्मी भी आता है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पूर्वापर अविरोध – Purvapara Avirodha. State devoid of mutual contradiction. परस्पर विरोध से रहित होना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सोमदत्त – Somadatta. Name of the 8th chief disciple of Lord Rishabhnath. Name of a particular person of Jaina History. तीर्थकर वृषभनाथ के 8 वें गणधर । एक सेठ जिन्होंने जिनदत्तसेठ से आकाशगामिनी वि़द्या को सिद्ध करने का उपाय सीखा, परन्तु अस्थिर चित्त के कारण सिद्ध न कर सके, उसको विद्युच्चर चोर ने सिद्ध…