भेद!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] भेद :Difference, type, division, separation, discrimination, disjunction. विरुध धर्मों एवं भित्र-भित्र कारणों काहोना यही भेद है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] भेद :Difference, type, division, separation, discrimination, disjunction. विरुध धर्मों एवं भित्र-भित्र कारणों काहोना यही भेद है “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == सम्यक् चारित्र : == सम्यक्त्वरत्नभ्रष्टा, जानन्तो बहुविधानि शास्त्राणि। आराधनाविरहिता, भ्रमन्ति तत्रैव तत्रैव।। —समणसुत्त : २४९ किन्तु सम्यक्त्व रूपी रत्न से शून्य अनेक प्रकार के शास्त्रों के ज्ञाता व्यक्ति भी आराधनाविहीन होने से संसार में अर्थात् नरकादि गतियों में भ्रमण करते रहते हैं। श्रुतज्ञानेऽपि जीवो, वर्तमान: स न प्राप्नोति…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भिक्षु प्रतिमा – Bhikshu Pratima. Particular 12 stages of renunciation for holy death of Jaina saints. सल्लेखना की साधना हेतु जैन साधुओं के लिए आहार त्याग आदि से संबंधित १२ प्रतिमाएं होती हैं, इनका विशेष वर्णन भगवती आराधना में देखें “
एकसंग्रह Acceptance of a devotee. प्रतिचारक मुनियों की स्वीकृति पूर्वक एक आराधक का ग्रहण।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
एकस्थानीय A type of Karmic fruitional bondage. अनुभाग बन्ध का एक नाम।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == धर्मास्तिकाय : == धर्मास्तिकायोऽरतो—ऽवर्णगन्धोऽशब्दोऽस्पर्श:। लोकावगाढ: स्पृष्ट:, पृथुलोऽसंख्यातिकप्रदेश:।। —समणसुत्त : ६३१ धर्मास्तिकाय रसरहित है, रूपरहित है, गंधरहित है और शब्दरहित है। समस्त लोकाकाश में व्याप्त है, अखण्ड है और विशाल है तथा असंख्यातप्रदेशी है। उदकम् यथा मत्स्यानां, गमनानुनुग्रहकरं भवति लोके। तथा जीवपुद्गलानां, धर्मद्रव्यं विजानीहि। —समणसुत्त : ६३२ जैसे इस…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकृति घाति – Prakrti Ghati. A type of karmic nature causing destruction of internal virtues. कर्म प्रक्रति का एक भेद; जो अनुजीवी गुणों का घात करती हैं वह घाति कर्म प्रक्रतियां हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संव्यवहरण दोष – Sanvyavaharana Dosha. A fault related to saint food, careless activities in offering food to saint. श्रावक के निमित्त से होने वाला जैन साधुओं के आहार का एक दोष ” साधु को आहार देने के लिए बर्तन आदि को शीघ्रता से बिना देखे उठाना संव्यवहरण दोष है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेणुमुल –Venumula. Root of bamboo tree. बांस की जड़ ” अनंतनुबंधी माया कषाय का दृष्टांत “