आलयांग!
आलयांग A type of wish fulfilling trees (heavenly) providing divinely palaces. कल्पवृक्ष का एक भेद-जो रमणीय दिव्य भवनों को दिया करते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आलयांग A type of wish fulfilling trees (heavenly) providing divinely palaces. कल्पवृक्ष का एक भेद-जो रमणीय दिव्य भवनों को दिया करते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्विकल्प समाधि – Nirvikalpa Samaadhi. Absolute meditation, the state of indeterminate ecstasy. समस्त विकल्पों से रहित परम समाधि को प्राप्त होना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगत्याग क्रिया – गर्भान्वय की एक क्रिया।केवलीसमुद्धात करके मन वचन काय रूप योगो को अत्यन्त निरोध कर अत्यन्त निष्चल दषा को प्राप्त होना इसमंे मुनि विहार करना छोडकर यागो का निरोध करते है। Yogatyagakriya-An auspicious activity of renouncing vibration in the soul points (caused by mind Speech & body)
आर्यमंक्षु Name of a great Acharya saint. दिगम्बर आम्नाय में आपका स्थान आचार्य पुष्पदन्त तथा भूतबली के समकक्ष है। आचार्य गुणधर से आगत पेज्ज दोसपाहुड़ के ज्ञान को आचार्य परम्परा द्वारा प्राप्त करके आपने तथा नागहस्ति ने यतिवृषभाचार्य को दिया था।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उष्ण योनि A type of Yoni (female genital organ). गुणयोनि का एक भेद, जो योनि उष्ण स्पर्श रूप हो।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उदीर्ण That have passed from fruitional operation (regarding Karmic matter). फलदान रूप से परिणत हुआ कर्म -पुद्गल स्कन्ध।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आरम्भकथा Talks about worldly activities. विकथा के 25 भेदों में एक असि. मषि आदि कार्य संबंधी कथा करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपसंयत Controlled behaviour . गुरुकुल में मैं आपका हूँ ऐसा कहकर उच्चारण करना (समर्पण भाव से साधु के समान संयत होकर रहना)। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लिंग व्यभिचार – स्त्रीलिग के स्थान पर पुल्लिंग का कथन करना और पुल्लिंग के स्थान पर स्त्रीलिेग का कथन करना। Limga Vyabhicara-wrong interpretation of genders (i. e. masculine for feminine or vice versa)
फल Fruits, Results of Karmas. खाने योग्य फल, कर्म आदि के परिणाम। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]