गुणारोपण!
गुणारोपण Imparting attributes – the ceremony of consec- ration of an idol. प्रतिष्ठा विधान की विधि का एक भेद ; प्रतिमा में गुणों का आरोपण करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गुणारोपण Imparting attributes – the ceremony of consec- ration of an idol. प्रतिष्ठा विधान की विधि का एक भेद ; प्रतिमा में गुणों का आरोपण करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंदरार्य: Name of the disciple of Acharya Arhadbali. आचार्य अर्हद्बबली के शिष्य तथा मित्र वीर के गुरु का नाम “
उदयादि अवस्थित गुणश्रेणी आयाम A kind of stable geometric progression length related to Karmic destruction. परिणामों की विशुद्धि की वृद्धि से अपवर्तनाकरण के द्वारा उपरितन स्थिति से हीन करके अन्तर्मुहूर्त काल तक प्रतिसमय उत्तरोत्तर असंख्यातगुणित वृद्धि के क्रमसे कर्म प्रदेशों की निर्जरा के लिये जो रचना होती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विडौषधि ऋद्धि –Vidaushadhi Riddhi.: A supernatural power-curing the diseases of beings with excreta of saints. जिसके प्रभाव से साधु का मल-मूत्र भी जीवों के रोगों को नष्ट करने में समर्थ होता है “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंडित: Including, A city situated in the south of Vijayardh mountain. सहित, समन्वित, विजयार्ध की दक्षिण श्रेणी का एक नगर “
देवभाव A chief disciple of Lord Rishabhdeva. भगवान् ऋषभदेव के चैरासी गणधरों में एक गणधार।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विजयद्वार – Vijayadvaara.: The east door of the rampart of Jambudvip (island). जम्बूद्वीप की जगती (कोट ) का पूर्व द्वार “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंगल द्रव्य : Auspicious articles like fly-whisk, pitcher, parasol etc. जिन प्रतिमा के समीप रहने वाले अष्ट मंगल द्रव्य – पंखा, छत्र, चमर, ध्वजा, दर्पण, सुप्रतिष्ठ, भृंङार, कलशये 8 मुख्य रूप से मंगल द्रव्य हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विचिकित्सा – Vichikitsaa.: Aversion,disgust,antipathy,hatred (a fault of right perception). ग्लानि ,घृणा “साधुओं को मलिन देखकर उनसे घृणा करना ” यह सम्यग्दर्शन का एक दोष है “