उपनय!
उपनय To show similarity between two objects by illustration. पक्ष और साधन में दृष्टांत की सदृषता दिखाने को उपनय कहते है जैसे यह पर्वत भी वैसा ही धूमवान् है। अर्थात् दृष्टांत की अपेक्षा लेकर पक्ष में हेतु का दोहराना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपनय To show similarity between two objects by illustration. पक्ष और साधन में दृष्टांत की सदृषता दिखाने को उपनय कहते है जैसे यह पर्वत भी वैसा ही धूमवान् है। अर्थात् दृष्टांत की अपेक्षा लेकर पक्ष में हेतु का दोहराना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हिंसा यज्ञ – Himmsaa Yaggay violenceful sacrificial rite. पशु या मनुष्यों की जिसमे आहुति दी जाये ऐसा हिंसक यज्ञ। तीर्थकर मुनिसुव्रतनाथ के तीर्थ मे सगर राजा से द्वेष रखने वाला एक महाकाल नाम का एक असुर हुआ था, उस अद्वानी ने इस हिंसायज्ञ का उपदेष दिया था।
उपकार्य-उपकारक संबंध Beneficial relation. बंध का एक भेद जिस पर उपकार हो वह उपकार्य और जो उपकार करे वह उपकारक।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हानि – Haani. Loss, damage, Ham, Destruction, reduction. ह्नास, पतन, हीन (दो गुणहानि, डेढ़ गुणहानि, षट्गुणहानि)।
आराधना(ग्रन्थ) Name of a treatise, A book composed by Ganini Gyanmati Mataji in Sanskrit. भगवती आराधना का अमितगति(वि.1050-1073) कृत संस्कृत रूपान्तरण, साधुओं की चर्या से संबधित गणिनी ज्ञानमति माताजी द्वारा रचित 450 श्लोकबद्ध एक संस्कृत ग्रन्थ (ई.श.20)। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हरिवाहन – Harivaahana. The son of Lord Rishabhnath. ऋषभनाथ भगवान का पुत्र तथा भरत का छोटा भाई। भरत द्वारा राज्य मांगे जाने पर विरक्त हो दीक्षा धारण की, अंत मे मुक्ति प्राप्त की।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हरिजय – Harijaya. One of the sons of Vidyadhar Nami. विद्याधर नमि के अनेक पुत्रों मे एक पुत्र।
उपदेशसम्यक्त्वार्य A type of Aryas (noble persons) who get right faith by the preaching of saints. अनृद्धि प्राप्त आर्य जिन्हें तिरेसठ शलाका पुरूषों के पुराण (वृत्तान्त) के उपदेश से तत्वार्थ श्रद्धान उत्पन्न हुआ हो।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हंस – Hammsa. Goose, gander, swan, another name for soul (a symbol for sacred one). Father’s name of Jaina Lord Simandhar Swami of Videh kshetra (region). क्षीर नीर का विवके करने वाला एक पक्षी, मानसरोवर मे रहने वाले हंस को राजहंस कहते है। अनंतज्ञानादि निर्मल गुण सहित हंस के समान उज्जवल परमात्मा हंस है,…