प्रतिबोध चिंतामणि!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिबोध चिंतामणि – Pratibodha Chintaamani. Name of book related to a story of Mulsangh. एक ग्रंथ जिसमें मूलसंघ की उत्पत्ति की कथा उल्लेखित है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिबोध चिंतामणि – Pratibodha Chintaamani. Name of book related to a story of Mulsangh. एक ग्रंथ जिसमें मूलसंघ की उत्पत्ति की कथा उल्लेखित है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिपादन – Pratipaadana. Afirming, Representing, Expounding, Proving. व्याख्यान, विस्तृत रूप से प्रस्तुत करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूद्र – 88 ग्रहो में एक, तीसरे रूद्र एवं तीसरे नारद का नाम, जिनदीक्षा लेने के उपरान्त संयम भ्रष्ट होकर रौद्र कार्य करने लगते है। ये दसवें विद्यानुवाद पूर्व का अध्ययन करते समय विशयासक्त होकर तप से भ्रष्ट हो जाते है। और नरकगामी होते है।रूद्र 11 होते है। Rudra-name of a planet, Name of…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिघात कर्म – Pratighaata Karma See – Pratighaatkarma. देखें – प्रतिघतकर्म “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सत्कार – Satkaara. Respect, Reverence, Honour, Reception. आदर, सम्मान, विनय, पूजा-प्रशंसा “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतरांगुल – Prataraangula. A unit of area measurment. सूच्यंगुल के वर्ग को प्रतरांगुल कहते है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सत्ता-गौण उत्पाद-व्यय ग्राहक नय – Satta-Gauna Utpaada-Vyaya Graahaka Naya. A standpoint emphasizing the property of production & destruction of matterds reather than their permanence. पदार्थ में विद्यमान गुणों की अपेक्षा को मुख्य न करके उत्पाद व्यय ध्रौव्य के आधीनपनें रूप से द्रव्य को विनाश व उत्पत्ति स्वरुप माननेवाला सत्तानिरपेक्ष या सत्ता-गौण उत्पाद-व्यय ग्राहक नय…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्पदंतसागर – Puspadamtasagara. Name of a saint, the disciple of Acharya Shri Vimalsagar Maharaj. आचार्यश्री विमलसागर महाराज के एक प्रसिध्द आचार्य- शिष्य (ई. श. २०-२१), जिनकी प्रेरणा से सोनकच्छ (म. प्र.) के नजदीक पुष्पगिरी तीर्थ का निर्माण हुआ है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्करवृक्ष – Puskaravrksa. Earth bodied tree existing in Pushkarardhdvip (island). पुष्करार्धद्वीप में स्थित पृथ्वीकायिक वृक्ष, जिसके नाम से ‘पुष्कर द्वीप’ का नाम सार्थक है. इसके परिवार वृक्ष ५, ६०, ४७६ हैं “