निर्वृत्ति मार्ग!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वृत्ति मार्ग – Nirvrtti Marga. Path of salvation. त्याग मार्ग,मुनि व त्यागी होने की तरफ चलना (महाव्रतों को धारण करना) “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वृत्ति मार्ग – Nirvrtti Marga. Path of salvation. त्याग मार्ग,मुनि व त्यागी होने की तरफ चलना (महाव्रतों को धारण करना) “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == मानी : == योऽपमानकरणं दोषं, परिहरति नित्यमायुक्त:। सो नाम भवति मानी, न गुणत्यक्तेन मानेन।। —समणसुत्त : ८९ जो दूसरे को अपमानित करने के दोष का सदा सावधानीपूर्वक परिहार करता है, वही यथार्थ में मानी है। गुणशल्य अभिमान करने से कोई मानी नहीं होता।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रघुनाथ – न्यायदर्षन में नव्यन्याय के प्रसिद्ध प्रणेता, श्रीरामचन्द्र जी का अपरनाम। Raghunatha-Name of a great judiciary founder, Another name of Shri Ram
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुक्ताशक्ति मौद्रा–Muktashakti Vrat. A posture with joined hands placed together and raised to pay reverence. वन्दनामुद्रावत ही खड़े होकर, दोनों कुहनियो को पेट के ऊपर रखकर, दोनों हाथो की उंगलियो को आकार विशेष द्वारा आपस में संलगन करके मुकुलित बनाना”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूपगताचूलिका – द्वादषांग श्रुतज्ञान के दृश्टिवाद अंग के 5 भेदो मे चूलिका कर एक उपभेद।जिसमें सिंह आदि आकृति धारण करने के मंत्र – तंत्र का वर्णन है। Rupagataculika-A type of scriptural knowledge (Shrutgyan) containing description of mystical theory
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वाणसंपत्ति यंत्र – Nirvaanasampatti Yantra. A metallic plate engraved with auspicious mystic words. मंत्र लिखित धातु की एक प्लेट “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सत्यमनोयोग – Satyamanoyoga. Vibration in soul points for having right knowledge. मनोयोग के 4 भेदों में एक भेद ” यथार्थ पदार्थों के ज्ञान उत्पन्न करने की शक्ति के लिए भाव मन की चेष्टा रूप योग से आत्मप्रदेशों का सकम्प होना सत्य मनोयोग है “
आरंभ Beginning, Tendency to cause pain to others. कार्य करने लगना, पापास्रव के 108 कारणों में से एक भेद प्राणियों को दुःख पहुँचाने वाली प्रवृत्ति।[[श्रेणी:शब्दकोष]]