विनयदत्त!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विनयदत्त – Vinayadatta. Name of a Acharya possessing knowledge of purvas (part of scriptural knowledge – Shrutgyan). मूलसंघ पट्टावली के अनुसार लोहाचार्य के पश्चात् हुए पूर्वधारी आचार्य ” समय – वी.नि. ५६५-५८५ “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विनयदत्त – Vinayadatta. Name of a Acharya possessing knowledge of purvas (part of scriptural knowledge – Shrutgyan). मूलसंघ पट्टावली के अनुसार लोहाचार्य के पश्चात् हुए पूर्वधारी आचार्य ” समय – वी.नि. ५६५-५८५ “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुनिमार्ग–Munimaarg. The prescribed auspicious path for saints. इसके दो भेद है; उत्सर्ग–शुद्धोपयोग रूपपरमवीतरागसयम हो, अपवाद जहा शुद्धोपयोग के बाहरी साधनों का व्यवहार हो या शुभोपयोग रूप सराग सयम हो”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ब्रह्मविद्या – Brahmavidya. A book written by Acharya Mallishen. आचार्य मल्लिषेण (ई. ११२८ ) द्वारा रचित एक ग्रंथ “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == गुण : == गुणानामाश्रयो द्रव्यं, एकद्रव्याश्रिता गुणा:। लक्षणं पर्यवाणां तु, उभयोराश्रिता भवन्ति।। —समणसुत्त : ६६१ द्रव्य गुणों का आश्रय या आधार है। जो एक द्रव्य के आश्रय रहते हैं वे गुण हैं। पर्यायों का लक्षण द्रव्य व गुण, दोनों के आश्रित रहना है। णयरम्मि वण्णिदे जह ण वि,…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वात्सल्य – Vaatsalya.: Affection,Tender feeling (an auspicious quality). साधर्मी के प्रति निःस्वार्थ प्रेमभाव रखना (सम्यग्दर्शन का एक अंग एवं सोलहकरण भावना की एक भावना )”
एकतत्व अनुप्रेक्षा Feeling of solitude, one of the twelve reflections or 12 feelings of introspection (Barah Bhavana). बारह भवनाओं में एक भावना- मैं अकेला ही जन्मता मरता हूँ, मेरा कोई साथी नहीं है, इस प्रकार चिंतन करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पद्मावती (आर्यिका):A disciple Aryika of Ganini Aryika Shri Gyanmati Mataji. गणिनीपमुख श्री ज्ञानमती माताजी की एक आर्यिका शिष्या। जिन्होंने अपनी त्याग की कठोर साधना के साथ-साथ जीवन में दो बार (ई0 सन 1970एवं 1971 में), भादो के महीे में सोलहकारण के 31-31 उपवास कियें ।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मौनाध्ययन वृत्ति– Maunaadhyayan vratti. To study silently. शास्त्र समाप्ति पर्यत गुरु के पास मौनपूर्वक अध्ययन करना”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वाचा वैयावृत्त्य विवेक – Vaachaa Vaiyaavrttya Vivek.: Not to allow others to serve oneself (a kind of discrimination). विवेक का एक भेद, तुम मेरी वैयावृत्त्य मत करो ऐसे वचन बोलना “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पद्महृद:A lake situated at Himvan mountain. हिमवान् पर्वत स्थित हृद (तालाब)।