ल्क्षण निमित्तज्ञान!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] ल्क्षण निमित्तज्ञान – अश्टांग निमित ज्ञान का छठा अंग, षारिरिक चिन्ह देखकर मनुश्य के ऐष्वर्य व दरिद्री आदि का ज्ञान होना। Laksana Nimittajnana-A type of knowledge gained through different marks of the body
[[श्रेणी:शब्दकोष]] ल्क्षण निमित्तज्ञान – अश्टांग निमित ज्ञान का छठा अंग, षारिरिक चिन्ह देखकर मनुश्य के ऐष्वर्य व दरिद्री आदि का ज्ञान होना। Laksana Nimittajnana-A type of knowledge gained through different marks of the body
इंद्रिय सुख Sensual pleasure. इन्द्रिय के द्वारा उनके विषयों को भोगना इन्द्रिय सुख है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सत्पुरुष – Satpurusha. Noble persons, A type of peripatetic deities. महापुरुष, किम्पुरुष जाति के व्यंतर देवों के 10 भेदों में एक भेद “
उन्मान Weighing instruments, Balance metric. तगर आदि द्रव्यों को ऊपर उठाकर जिनसे तौला जाता है वे तराजू आदि उन्मान हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == संसार : == धिक् संसारं यत्र, युवा परमरूपर्गिवतक:। मृत्वा जायते, कृमिस्तत्रैव कलेवरे निजके।। —समणसुत्त : ५११ इस संसार को धिक्कार है, जहाँ परम रूप-र्गिवत युवक मृत्यु के बाद अपने उसी त्यक्त मृत शरीर में कृमि के रूप में उत्पन्न हो जाता है। न नास्तीहावकाशो, लोके बालाग्रकोटिमात्रोऽपि। जन्ममरणबाधा, अनेकशो…
उद्देश्यतावच्छेदक One who divides the conceptions. एक धर्मी को अन्य धर्मी से व्यावृत्त करने वाला ‘ता’ प्रत्यय युक्त धर्म विशेष।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योशिता – स्त्री, चक्रवर्ती के 14 रत्नो में एक रत्न। Yosita-A women one of the 14th Jewels of Chakravarti
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यावानुद्देष – औद्देषिक आहार के 4 भेदो में एक भेद। Yavanuddesa-Food prepared with the intention of distributing to everyone