नैगमनय!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नैगमनय – Naiamanya Figurative standpoint that indicates circumstatial knowledge 7 नयों में प्रथम नय; यह अनिष्पत्र अर्थ में संकल्प मात्र को विषय करता है ” जैसे-किसी मनुष्य को पापी लोगों का समागम करते हुए देखकर नारकी कहना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नैगमनय – Naiamanya Figurative standpoint that indicates circumstatial knowledge 7 नयों में प्रथम नय; यह अनिष्पत्र अर्थ में संकल्प मात्र को विषय करता है ” जैसे-किसी मनुष्य को पापी लोगों का समागम करते हुए देखकर नारकी कहना “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यतिधर्म–Yatidharm. Observances of ascetic life. मुनिधर्म; आरम्भ परिग्रह का त्यागकर 5 महाव्रत 5 समिति 3 गुप्तियों का पालन करना”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वज्रचमर – Vajrachmar Name of the first chief disciple of Lord Padmaprabhu. तीर्थंकर पद्मप्रभु ले प्रथम गणधर, अपरनाम वज्रचमर था “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नेमिचन्द्र भट्टारक – Nemichandra bhattaaraka. See – Nemichandra. देखें – नेमिचंद्र “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] याचनी भाशा – अनुभय भाशा का एक भेद, इस तरह के प्रार्थना पूर्ण वचनों को कहना। Yacani Bhasa- Requesting language (pertaining to some material)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिष्य – Shishya. Disciple, Follower, A pupil. चेला, विद्यार्थी “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नीलोद्यान – Neelodyaana. Name of the initiation forest of Lord Munisuvratnath. मुनिसुव्रतनाथ भगवान के दीक्षा वन का नाम ” अपरनाम नीलवन “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यति–Yati. Saints at the stage of higher austerity. जो इन्द्रिय जय के द्वारा अपने शुद्धात्म स्वरुप में प्रयत्नशील होता है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नीतिक्रिया – Neetikriyaa. Judicial activity. न्याय; जिसके द्वारा निश्चय किता जाए “
दिवाकरनंदि Disciple of Chandrakirti and spiritual teacher of Shubhchandra. ई. 1068-1098 में चन्द्रकीर्ति के शिष्य तथा शुभचन्द्र के गुरू थे। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]