भावस्वाध्याय!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावस्वाध्याय – Bhavasvadhyaya. Rethinking of spiritual contents. स्वाध्याय के द्वारा शुध्द आत्मा को अनुभव में लाना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावस्वाध्याय – Bhavasvadhyaya. Rethinking of spiritual contents. स्वाध्याय के द्वारा शुध्द आत्मा को अनुभव में लाना “
खरतरगच्छ A group of shvetambar Jain saints. श्वेताम्बरों के विविध गच्छों में एक । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
दयादत्ति To be kindful to others. अनुग्रह करने योग्य प्राणियों के समूह पर दयापूर्वक मन, वचन, काय की शुद्धि के साथ उनके भय को दूर करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विदिशा – Vidisha. Subdirections, quarter parts of the four direc- tions. चारों दिशाओं के अतिरिक्त प्रत्येक दो दिशाओं के मध्य स्थित दिशाएँ – ईशान, आग्रेय, नैऋत्य, वायव्य, ये ४ विदिशाएं कहलाती हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिश्रुति – Pratishruti. Name of the 1st kulkar (ethical founder). भरतक्षेत्र के प्रथम कुलकर थे, सूर्य चंद्रमा को देखकर-भयभीत हुए लोगों के भय को इन्होंने दूर किया था “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पूर्वापर विरोध – Purvapara Virodha. State of mutual contradiction. पूर्व और उत्तर समय अर्थात् परस्पर में विरोध होना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिलोम क्रम – Pratiloma Krama. Inverse order. विपरीत क्रम, विशेष की मुख्यता और सामान्य की गौणता करने से जो अस्ति-नास्ति रूप वस्तु प्रतिपादित होती है उसे प्रतिलोम क्रम कहते हैं “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परंपरा मुक्ति Salvation after one or two births.एक दो आदि भवों के अनंतर मुक्ति होना ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विभ्य – Vibhya. An infraction of paying reverence (reverence due to influence of Acharya etc.). वंदना का एक अतिचार, आचार्य आदि के भय से वंदना करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिमा विज्ञान – Pratimaa Vigyaan. Iconography. प्रतिमा (मूर्ति) के नाप तौल आदि की जानकारी “