धृतिभावना!
धृतिभावना Steadfast; calm in nature. धैर्यरूपी परिधान धारण करना । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धृतिभावना Steadfast; calm in nature. धैर्यरूपी परिधान धारण करना । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सागर – Saagara. Ocean, sea, name of the main questioner in the assembly of Lord Ajitnath. समुद्र, मध्यलोक मे द्वीपांे का वेष्टित करते हुए एक के पीछे एक असंख्यात सागर है। तीर्थकर अजितनाथ का मुख्य प्रश्नकर्ता।
उष्माहार One of the figs – a fruit, not edible according to Jain philosophy . देखें-ओजाहार।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
धृततेज A king of Kuru dynasty. कुरूवंश का एक राजा ,धृतोदय का पुत्र और धृतयश का पिता। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
उष्ट्रकूट श्रेणी Camel back range . ऊँट की पीठ की तरह प्रदेशों की निषेक रचना को उष्ट्रकूट श्रेणी कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
धारा नगरी Present Dhar city in Madhya pradesh, where Mantun-gacharya composed Bhaktamar Stotra. मध्यप्रदेश का एक नगर जहां के कारावासस में मानतुंग आचार्य द्वारा भक्तामर स्तोत्र की रचना हुई। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हेमकूट – Hemakuuta. Name of the 40th city in the south of Vijayardh mountain. विजयार्ध पर्वत की दक्षिणी श्रेणी का 40वां नगर।
धातकीखंड (द्वीप) An island situated in middle universe. मध्यलोक में स्थित द्वितीय द्वीप जिसकी सब रचना जम्बूद्वीप से दूनी-दूनी हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हृदिनंदि – Hrdinandi. Name of a Bhattarak of Nandi group. नंदिसंध बलात्कारगण भट्टारक आम्नाय वारां गट्ठी के एक भट्टारक विश्वचन्द्र के षिष्य। समय वि. 1156।