उत्सर्गपद्धति!
उत्सर्गपद्धति A supreme dedicational system (of omniscient etc.) for getting salvation.मोक्षमार्ग की वह पद्धति जिसमें वज्रवृषभनाराच प्रथम संहनन से ही ध्यान अथवा मोक्ष होता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उत्सर्गपद्धति A supreme dedicational system (of omniscient etc.) for getting salvation.मोक्षमार्ग की वह पद्धति जिसमें वज्रवृषभनाराच प्रथम संहनन से ही ध्यान अथवा मोक्ष होता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्याहार- मन की प्रवृति का संकोच कर लेने पर मानसिक सन्तोश होता है उसे प्रत्याहार कहते है। pratyahara – mental satisfaction
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == सम्मान : == तम्हा सव्वे वि णया, मिच्छादिट्ठी सपक्ख—पडिबद्धा। अण्णोण्णणिस्सिया उण, हवंति सम्मत्तसब्भावा।। ——सन्मति तर्क प्रकरण : १-२१ अपने—अपने पक्ष में ही प्रतिबद्ध परस्पर निरपेक्ष सभी नय (मत) मिथ्या हैं, असम्यक् हैं, परन्तु ये ही नय जब परस्पर सापेक्ष होते हैं तब सत्य एवं सम्यक् बन जाते हैं।…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहस्रपर्वा – Sahasraparvaa. Name of a superpower possessed by Nami & Vinami Vidyadhars. धरणेन्द्र द्वारा नमि व विनमि विद्याधरो को प्राप्त विद्या ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहवा (कवि) – Sahavaa (Kavi). Name of a Marathi poet, the writer of Neminath Puran. नेमीनाथ पुराण के रचयिता (ई0 1717) एक मराठी कवि ।
ततवार्थवृत्ति Name of a commentary book written on ‘Tattvarthsutra’. तत्वार्थसूत्र टीका विषयक एक ग्रंथ, आचार्य श्री श्रुतसागर सूरि द्वारा लिखित । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
देवप्रभ An Acharya who wrote ‘Pandav Purana’. पांडव पुराण (प्राकृत) के कर्ता एक आचार्य। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्राधान्य पद- उपक्रम का एक भेद; बहुत से पदार्थो के होने पर भी किसी एक पदार्थ की बहुलता आदि द्वारा प्राप्त हुई प्रधानता से बोले जाने वाला नाम। जैसे- आग्रवन, निम्नवन इत्यदि। Pradhanyapada-A type of Upakrama( a type of persuasion) dominant name or thing
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्राणातिपात विरमणव्रत- अहिंसाव्रत; जीवों कें प्राणों की रक्षा करना। PranatipataViramanavrata- A vow of non violence