सविपाक निर्जरा!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सविपाक निर्जरा – Savipaaka Nirjaraa. Shedding off or dissociation of Karmas on maturity. निर्जरा के दो भेदों में एक भेद, कर्मो का अपने समय पर उदय में आकर झडना ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सविपाक निर्जरा – Savipaaka Nirjaraa. Shedding off or dissociation of Karmas on maturity. निर्जरा के दो भेदों में एक भेद, कर्मो का अपने समय पर उदय में आकर झडना ।
गतिहीन Static, Steady. गतिरीय; सिद्ध परमेष्ठी या धर्मं-अधर्म-आकाश-काल द्रव्य ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विसपर्ण –Visarpana. Expansion, Crawling, Slight expansion of soul-points. फैलाव, प्रसारण, विस्तार, रेंगना, सरकाना, दीपक के प्रकाश के समान जीव के प्रदेशों का संकोच-विस्तार (विसपर्ण) होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वोपशम – Sarvopashama. Super subsidence (of Kamas). मिथ्यत्व आदि तीनो प्रकृतियों के उदयाभाव को सर्वोपशम कहते है। प्रथमोपशम सम्यक्त्व का लाभ भी सर्वोपशम से होता है।
गणग्रहण क्रिया An act of consecration-departing of passionful deities and installing passionless deities. दीक्षान्वय क्रियाओं की चौथी क्रिया; नया दीक्षित जैनी अपने घर से रागी देवों को विदाकर वीतराग देव की पूजा व स्थापना करता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वस्थिति – Sarvasthiti. Karmic aggregate at highest state. उत्कृष्ट स्थिति में रहने वाले (बद्धक्रम के ) सम्पूर्ण निषेकों का जो समू है वह सव्रस्थिति है।
गजवती A river of varun mountain in Bharat kshetra (region). भारत क्षेत्र के वरुण पर्वत पर स्थित एक नदी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
छहढाला A book written by Pandit Daulatram – II. पं दौलतराम – II (ई. सन् १७९८-१८६६) द्वारा रचित एक ग्रन्थ ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वश्यामा – Sarvasyaamaa. Mother’s Name of Lord Anantnath. तीर्थकर अनंतनाथ की माता, अपरनाम जयश्यामा ।
छद्मस्थ वीतराग Detached, non-omniscient saint at the 11th-12th stage of spiritual development. ग्यारहवें-बारहवें गुणस्थान वाले मुनि छद्मस्थ वीतराग कहलाते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]